
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर सियासत तेज, सचिन पायलट ने भाजपा पर साधा निशाना
रायपुर। कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा प्रशिक्षण शिविर को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को कांग्रेस की चिंता छोड़ अपने दल और सरकार की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार के भीतर लगातार खींचतान की स्थिति बनी हुई है। सरकार में कौन आएगा और कौन जाएगा, इस पर चर्चा हो रही है। ऐसे में भाजपा नेताओं को कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी पार्टी की आंतरिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में जिला अध्यक्षों को संगठन को मजबूत करने, भाजपा सरकार की नीतियों और कथित षड्यंत्रों का पर्दाफाश करने तथा जनता के सामने सरकार के झूठे वादों को उजागर करने की रणनीति बताई जा रही है। प्रशिक्षण का उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना और कार्यकर्ताओं को प्रभावी ढंग से जनता के बीच काम करने के लिए तैयार करना है।
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दिल्ली के निर्देशों पर काम कर रही है और प्रदेश के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने जिला अध्यक्षों को संगठनात्मक शक्ति प्रदान कर रही है ताकि वे जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा सकें।
उन्होंने बताया कि यह देश का 14वां राज्य है जहां इस प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शिविर में राजनीतिक विषयों के साथ-साथ सामाजिक और गैर राजनीतिक विषयों पर भी चर्चा की जाती है ताकि नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके।
पायलट ने राज्य सरकार पर प्रदेश की संपत्तियों और संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी ढाई वर्ष का समय है, लेकिन कांग्रेस अभी से बूथ स्तर तक समितियों का गठन कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और अंततः जीत सत्य की ही होगी। कांग्रेस का लक्ष्य संगठन को मजबूत बनाकर जनता के बीच सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ना है।




