
आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिला प्रोत्साहन, 18 लोगों को बांटे गए 19.73 लाख रुपये
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने किया राशि का वितरण
नारायणपुर, 10 अगस्त 2026। हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में आत्मसमर्पित नक्सलियों को शस्त्रों के एवज में स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल और अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में 18 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कुल 19 लाख 73 हजार 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 50 लोगों के लिए उनके द्वारा जमा किए गए शस्त्रों के एवज में कुल 70 लाख 68 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। स्वीकृत राशि का वितरण शासन द्वारा निर्धारित नियमों और पुनर्वास नीति के अनुसार किया जा रहा है।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग का उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। पुनर्वास नीति के तहत उन्हें विभिन्न प्रकार की सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे अपने परिवार के साथ सम्मानजनक जीवन जी सकें और रोजगार तथा स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से शासन की पुनर्वास योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास, शांति और लोकतंत्र की राह अपनाना संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के साथ पूरे समाज और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना और उन्हें स्थायी रूप से मुख्यधारा से जोड़ना है। आत्मसमर्पण करने वाले शेष पात्र हितग्राहियों को भी नियमानुसार उनकी स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जाएगा।
कार्यक्रम में एडिशनल एसपी अजय सिंह, अक्षय सबद्रा और डिप्टी कलेक्टर सौरभ दीवान उपस्थित रहे।




