
फार्मेसी परीक्षा में सामूहिक नकल का बड़ा खुलासा
सीएसवीटीयू की डी फार्मेसी परीक्षा में एआई से लिखवाए गए उत्तर, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
रायपुर में छत्तीसगढ़ की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की डी फार्मेसी द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा में सामूहिक नकल और फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार परीक्षा के दौरान छात्रों को कथित रूप से एआई आधारित माध्यमों से उत्तर उपलब्ध कराए गए, जिससे पूरे परीक्षा तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक परीक्षा केंद्रों में छात्रों को एक जैसे उत्तर लिखते पाया गया। कई उत्तर पुस्तिकाओं में भाषा और लिखने का तरीका बेहद समान नजर आने के बाद मामला चर्चा में आया। आरोप है कि परीक्षा के दौरान तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का गलत इस्तेमाल करते हुए उत्तर तैयार करवाए गए और छात्रों तक पहुंचाए गए। इस पूरे मामले ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और निगरानी व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और केंद्रों की भूमिका को लेकर भी जांच की मांग उठने लगी है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल नकल का मामला नहीं, बल्कि तकनीकी शिक्षा की विश्वसनीयता पर सीधा हमला माना जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीक का उपयोग शिक्षा के विकास के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल परीक्षा में फर्जीवाड़े और अनुचित लाभ के लिए होने लगे तो यह आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है। छात्रों और अभिभावकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मामले की जांच के संकेत दिए गए हैं और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सामने आने की संभावना जताई जा रही है।




