International : शेख हसीना पर टूटा मुसीबतों का पहाड़ ,17 नवम्बर को कोर्ट सुनाएगी फैसला, गुस्से में भड़की भीड़ ने लगाई 17 बसों में आग…

शेख हसीना पर टूटा मुसीबतों का पहाड़ ,17 नवम्बर को कोर्ट सुनाएगी फैसला, गुस्से में भड़की भीड़ ने जलाई 17 बसों में आग…
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) 17 नवंबर को उनके खिलाफ फैसला सुनाएगी । उन पर जुलाई 2024 में हुए छात्र विद्रोह के दौरान सैकड़ों लोगों की हत्या का आरोप है। अवामी लीग ने राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है, जिससे ढाका में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शेख हसीना के इस्तीफे के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी
हसीना ने BBC को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उनके खिलाफ चल रहा मुकदमा झूठा तमाशा है।
शेख हसीना पर आरोप है कि उन्होंने अपनी तानाशाही सरकार के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए सुरक्षा बलों को निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 1,400 तक लोग मारे गए थे।
हसीना ने साफ इनकार किया कि उन्होंने कभी ऐसा आदेश नहीं दिया। कोर्ट में जुलाई 2024 का एक लीक ऑडियो सबूत पेश किया गया था, जिसमें हसीना हिंसा रोकने के लिए हथियारों के इस्तेमाल की बात कर रही थी।
हसीना ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केस का सामना करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कई बार कहा है कि अगर यूनुस सरकार सच में ईमानदार है, तो मुझ पर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) में केस करो। हालांकि वे ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें पता है कि निष्पक्ष अदालत मुझे बरी कर देगी।
उन्होंने कहा कि यूनुस को कुछ पश्चिमी देशों का समर्थन मिला था, लेकिन अब वे भी उनका साथ छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्होंने कट्टरपंथियों को सरकार में शामिल किया, अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया और संविधान को कमजोर किया।
अवामी लीग ने किया राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान
आईसीटी का ये आदेश ऐसे समय पर आया है, जब बांग्लादेश अवामी लीग ने राष्ट्रव्यापी बंद का एलान किया है। इस राष्ट्रव्यापी बंद के कारण ढाका सहित देश के कई शहरों में जनजीवन पूरी तरीके से प्रभावित हो गया है।
शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने आज सुबह से शाम तक राष्ट्रव्यापी बंद की घोषणा की है। इस बंद को देखते हुए देश के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सेना और पुलिस सहित सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
32 बम धमके और बसों में लगी हिंसा की आग
बुधवार को देश में 32 बम फटे और दर्जनों बसों को आग के हवाले किया गया। साथ ही गुरुवार रात ढाका एयरपोर्ट के पास भी दो और बम फटे, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजधानी ढाका और बड़े शहरों में स्कूल ऑनलाइन कर दिए गए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। राजधानी में 400 पैरामिलिट्री सैनिक तैनात किए गए।





