
संवादाता – दीपक गोटा
पूरा सिस्टम डूबा हुआ है नारायणपुर में गढ्ढा है, या गढ्ढे में नारायणपुर हैं समझ नहीं आता,नारायणपुर वासियोँ की आखिर गलती क्या है सिस्टम कब देगा जवाब ..
नक्सल प्रभावित क्षेत्र नारायणपुर से कोंडागांव जाने वाली सड़क की बेहद खराब स्थिति होने के कारण यात्रियों एवं जिले के वासियो, सरकारी कर्मचारी, एवं व्यापारीयों, शिक्षाको एवं पड़ने वाले छात्रों, को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोंडागांव से महाराष्ट्र के भामरागढ़ तक हाईवे के एक साथ सड़क खोदा गया और खोदकर छोड़ दिया गया । जिसके कारण ना ही यात्री बस चल पा रही है और ना ही बड़ी गाड़ियों चल पा रही है पूरा सिस्टम बैठा हुआ है ।
जिस से इस मार्ग पर बस सेवा भी ठप होते दिखाई दे रही है।
हाल ही में इस मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक गतिरोध की खबरें भी सामने आई फिर भी सड़क की खराब स्थिति और परेशानी सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण बसें चलने की स्थिति में नहीं हैं।
नौकरी पैसा वाले इन गढ्ढों से प्रभावित हो रहे हैं स्कूली बच्चे प्रभावित हो रहे हैं नारायणपुर से किसी को कोंडागांव जाना हो या रायपुर जाना है या कोई भी अन्य शहर जाना है तो वह भी परेशान हो रहे हैं भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं ।
लोगों को मजबूरन महंगे गाड़ी करके जाना पड़ रहा है यहां तक की नारायणपुर के लिए जो वैकल्पिक रास्ता है नारायणपुर से कोंडागांव जाने का वो विकल्प रास्ता भी पूरी तरह से खराब हो चुका है विकल्प का रास्ता एड़का से होते हुए अंदरूनी रास्ते से जाता जिसे भी देखा जाए तो वह पूरी तरह से गढ्ढों से भरा है खराब रास्ता है पूरी तरह से दलदल है कई बड़े-बड़े गड्ढे वहां बने हुए हैं लोग मजबूर हैं उसे रास्ते से भी आने जाने के लिए इन खराब सड़कों से सबसे ज्यादा किसी को समस्या हो रही है तो वहां है गरीब वर्ग व मध्यम वर्ग उनके पास पर्याप्त आय का साधन नहीं है और पैसा ना होने के कारण वो ना बुकिंग गाड़ी कर पाते हैं ना ही बड़ी गाड़ियां उनको मिलती है सबसे ज्यादा तकलीफ गरीब व मध्यम वर्ग को है।
ऐसे में किसी को मेडिकल की सुविधा चाहिए और खासकर गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा तकलीफ हो रहा है इन सड़कों से इन क्षेत्रों में चलने वाली गर्भवती महिलाओं को गर्भपात का भी सामना करना पड़ रहा है ।
बस संचालकों ने बसों को होने वाले आर्थिक नुकसान और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सेवा बंद कर दी थी
क्षेत्र में बस ही आवागमन का एकमात्र साधन है, जिसके बंद हो जाने से लोग फंस गए हैं और उन्हें भारी असुविधा हो रही थी
इस असुविधाओं को देख कर बस मालिक, संचालकों ने दो,तीन टाइम बस की सुविधा चालू कर दी,
बस ड्राइवरों और कंडक्टरों ने भी सड़क की खराब हालत को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है और कहा है कि इस पर कभी भी हादसा हो सकता है।
भारी वाहनों (ट्रकों) के आवागमन से भी सड़क की हालत और भी खराब होता जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
बारिश ने बढ़ाई मुसीबत: बारिश के कारण सड़क की हालत और भी ज्यादा खराब हो गई है,
जिससे यात्रियों को इस मार्ग पर जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा रहा है,
प्रशासन और राजनीतिक प्रतिक्रिया –
सड़क की जर्जर हालत के खिलाफ सितंबर 2025 में कांग्रेस ने नारायणपुर-कोंडागांव हाईवे पर चक्काजाम कर विरोध-प्रदर्शन भी किया,
मरम्मत का इंतजार खबरों के मुताबिक, अधिकारियों ने जल्द ही सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन मरम्मत कब शुरू होगी, इसकी कोई जानकारी नहीं दी है।
प्रशासन की उदासीनता: स्थानीय लोगों और मीडिया ने सड़क की खराब हालत के लिए प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है,
सितंबर 2025 में ही, खराब सड़कों के कारण बस सेवा ठप होने और यात्रियों की परेशानी को लेकर ईटीवी भारत और अन्य मीडिया संस्थानों ने खबरें प्रकाशित की है
हालांकि, हाल के दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 130-डी के निर्माण को लेकर कुछ सकारात्मक खबरें भी आई , जिससे कोंडागांव से नारायणपुर तक की सड़क का कायाकल्प होने की उम्मीद है,
इस परियोजना से बस्तर को महाराष्ट्र से भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा,पर कुल मिलाकर,
फिलहाल नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग की स्थिति बेहद खराब हो गई है, लेकिन जल्द ही इसके निर्माण और सुधार की जा
एगी ऐसे शासन,प्रशासन से उम्मीद है….




