
संवाददाता : दीपक कुमार गोटा
अबूझमाड़ से महाराष्ट्र सीमा तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-130D) को भाजपा ने कहा नक्सली हिंसा के अंधकार में विकास का नया उजाला ….
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बीच सीधा और बेहतर संपर्क स्थापित होगा, बल्कि यह बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री गडकरी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार माना कहा कि यह परियोजना बस्तर के तेज विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने 152 करोड़ रूपए लागत वाले 21 किमी की अबूझमाड़ के कुतुल से महाराष्ट्र बॉर्डर के नीलांगुर तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-130-डी) को धुर नक्सली आतंक के अंधकार में विकास का नया उजाला बताया है,
प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर जी ने कहा कि बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से विकास को नई गति मिलेगी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने इस निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस राजमार्ग के बन जाने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधाओं भी प्राप्त होगें,
श्री देवलाल ठाकुर ने कहा कि नेशनल हाईवे (एनएच130-डी) कोंडागांव से नारायणपुर तक का लगभग 50 किमी हिस्सा निर्माणाधीन है, एवं नारायणपुर से कुतुल की दूरी 50 किमी है और वहां से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक 21.5 किमी की दूरी है,
इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी है, जिसमें से लगभग 122 किमी का हिस्सा कोंडागांव-नारायणपुर से कुतुल होते हुए नीलांगुर तक छत्तीसगढ़ में आता है,
अक्टूबर 2025 में, कुतुल से नीलांगुर तक के 21.5 किलोमीटर के खंड के निर्माण के लिए न्यूनतम टेंडर दर को मंजूरी दी गई है जिसकी लागत लगभग ₹152 करोड़ है
यह राजमार्ग पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा,भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने अप्रैल 2025 में इस क्षेत्र में कई ऑपरेटिंग बेस स्थापित किए गये जिससे राजमार्ग निर्माण के लिए रास्ता साफ हुआ है,
यह राजमार्ग बस्तर को राष्ट्रीय
राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ेगा जिससे व्यापार,एवं पर्यटन और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
यह मार्ग आगे चलकर महाराष्ट्र में अलापल्ली तक पहुंचेगा, जहां यह NH-353D से जुड़ जाएगा
इस सड़क के बनने से
स्थानीय लोगों को बेहतर रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे अन्य का लाभ मिलेगा,इसके अलावा, यह क्षेत्र में उद्योगों और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगी
(दंडकारण्य दर्पण) रिपोर्ट्स, टीम के अनुसार, विकास कार्यों के चलते कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण
कर नक्सली संगठन छोड़ने का रास्ता अपना रहे हैं
कुल मिलाकर, यह राजमार्ग परियोजना नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा और विकास को एक साथ लाने का एक बड़ा प्रयास है, जिससे लंबे समय से उपेक्षित रहे बस्तर, अबुझमाड़ क्षेत्र के लोगों के लिए एक नई उम्मीद जगी है….



