
बस्तर में 108 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों को 101 हथियार और करोड़ों की नकदी बरामद
में आयोजित एक कार्यक्रम में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में 44 महिला कैडर भी शामिल हैं और इन पर कुल 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
यह कार्यक्रम बस्तर संभाग मुख्यालय के शौर्य भवन, पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर, लालबाग में आयोजित किया गया, जहां सुरक्षा बलों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह सामूहिक आत्मसमर्पण हुआ।
सुरक्षा बलों को 101 हथियार और करोड़ों की नकदी बरामद
पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों से मिली जानकारी और अन्य खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर कार्रवाई की। इन अभियानों में AK-47, INSAS, LMG, SLR और BGL लांचर सहित कुल 101 हथियार बरामद किए गए।
इसके अलावा सुरक्षा बलों को एक नक्सली डंप से 3.61 करोड़ रुपये की नकदी और करीब 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलो सोना भी मिला है। अधिकारियों का कहना है कि नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में एक ही स्थान से इतनी बड़ी रकम की बरामदगी पहली बार हुई है।
संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें
- 5 डिवीजनल कमेटी सदस्य (DVCM)
- 2 PLGA कंपनी स्तर के पदाधिकारी
- 15 प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य (PPCM)
- 21 एरिया कमेटी सदस्य (ACM)
- 63 पार्टी सदस्य (PM) शामिल हैं।
इनमें कुछ प्रमुख नामों में राहुल तेलाम, पंडरु कोवासी, झितरु ओयाम, रामधर उर्फ बीरु, मल्लेश, मुचाकी और कोसा मंडावी जैसे कैडर शामिल बताए गए हैं।
‘पूनामारगेम–पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल का असर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह आत्मसमर्पण “पूनामारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल का परिणाम है। इस अभियान का उद्देश्य माओवादी संगठन से जुड़े लोगों को हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने के लिए प्रेरित करना है।
अधिकारियों का कहना है कि पिछले 26 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2714 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं 1 जनवरी 2024 से 9 मार्च 2026 के बीच बस्तर संभाग में 2625 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है।
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी सहायता
राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत इन कैडरों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास का माहौल बनाना है। उन्होंने शेष माओवादी कैडरों से भी अपील की कि वे हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं।
सुरक्षा और विकास पर असर
अधिकारियों के मुताबिक इतने बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण और हथियारों की बरामदगी से माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को बड़ा झटका लगा है। इससे क्षेत्र में सुरक्षा माहौल मजबूत होने और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



