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CG News: बस्तर की बेटी डॉ. बुधरी ताती को पद्मश्री सम्मान, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर

जनजातीय परंपरा और संघर्ष को मिला राष्ट्रीय सम्मान

बस्तर की बेटी डॉ. बुधरी ताती को पद्मश्री सम्मान, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर

बस्तर।

बस्तर अंचल की प्रतिष्ठित समाजसेवी और आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए लंबे समय से कार्यरत डॉ. बुधरी ताती को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर पूरे बस्तर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में भारत की राष्ट्रपति ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर देशभर की विभिन्न विभूतियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

डॉ. बुधरी ताती ने वर्षों से आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके प्रयासों से अनेक गांवों में सामाजिक चेतना का विस्तार हुआ और लोगों को अपनी परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरणा मिली।

बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के लोगों की मेहनत, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। डॉ. बुधरी ताती को मिला यह सम्मान इसी पहचान को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे बस्तर और आदिवासी समाज का सम्मान है।

पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें बधाई दी है। कई स्थानों पर खुशी का इजहार करते हुए लोगों ने मिठाइयां बांटीं और इसे बस्तर के लिए गौरव का क्षण बताया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस उपलब्धि को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि डॉ. बुधरी ताती की उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनके जीवन का संघर्ष, समाज के प्रति समर्पण और निरंतर सेवा भाव यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

बस्तर के लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस सम्मान से क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलेगी तथा आदिवासी समाज के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। डॉ. बुधरी ताती को मिला पद्मश्री सम्मान आज पूरे बस्तर के लिए गर्व और सम्मान का विषय बन गया है।

बस्तर की धरती से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंची इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सेवा, समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव किसी भी व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। डॉ. बुधरी ताती की यह उपलब्धि लंबे समय तक बस्तर की नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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