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CG News: नारायणपुर के सुलेंगा (गुरिया) में धर्मांतरित परिवार ने की घर वापसी

एक परिवार के चार सदस्य पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ लौटे, ग्रामीणों ने मूल संस्कृति से जुड़े रहने का किया आ

 

 

नारायणपुर। जिले के ग्राम पंचायत सुलेंगा (गुरिया) में रविवार को एक धर्मांतरित आदिवासी परिवार के चार सदस्यों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने मूल धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा में वापसी की। इस अवसर पर गांव के बुजुर्गों और महिलाओं ने नारियल, तिलक और चंदन लगाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कुछ समय से धर्मांतरण को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसे देखते हुए गांव स्तर पर नियमित बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जहां लोगों को अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और पूर्वजों की परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया जाता है।

 

ग्राम प्रमुख मानकेर नाग ने बताया कि प्रत्येक रविवार को गांव में बैठक आयोजित की जाती है। इन बैठकों में ग्रामीण आपसी सहमति और सामाजिक संवाद के माध्यम से उन लोगों से संपर्क करते हैं, जिन्होंने अपना मूल धर्म छोड़ा है, और उन्हें अपनी पारंपरिक आस्था एवं संस्कृति से दोबारा जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।

 

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और पूर्वजों से चली आ रही मान्यताओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान मानता है। समाज चाहता है कि नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सुरक्षित रखे।

 

समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से घर वापसी अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को अपनी सांस्कृतिक विरासत, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवन मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

 

दंडकारण्य दर्पण

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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