
लोकार्पण के कुछ दिन बाद ही धंसा 11.66 करोड़ के पुल का एप्रोच, गुणवत्ता पर उठे सवाल
पहली बारिश में उखड़ा डामर, दोनों ओर आई दरारें; निर्माण एजेंसी ने शुरू किया सुधार कार्य
नारायणपुर। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित कुंदला नाला उच्च स्तरीय पुल का लोकार्पण हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पुल के एप्रोच मार्ग पर आई क्षति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुल के दोनों ओर एप्रोच की मिट्टी धंसने से डामर की परत उखड़ गई है और कई स्थानों पर गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं। स्थिति को देखते हुए निर्माण एजेंसी ने तत्काल सुधार कार्य शुरू कर दिया है।
मौके पर क्षतिग्रस्त हिस्से का डामर हटाकर दोबारा निर्माण की तैयारी की जा रही है। निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि पहले मिट्टी को पूरी तरह प्राकृतिक रूप से बैठने दिया जाएगा। इसके बाद उचित कंपेक्शन कर एप्रोच मार्ग का दोबारा निर्माण किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न आए।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मिट्टी को पर्याप्त समय तक बैठने का मौका नहीं दिया गया। उनका कहना है कि जल्दबाजी में पुल का लोकार्पण कर दिया गया, जबकि एप्रोच पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ था। ग्रामीणों का मानना है कि यदि एक बारिश के बाद डामरीकरण किया जाता तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहली ही बारिश में एप्रोच मार्ग का धंसना और डामर उखड़ना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका मानना है कि 11.66 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल में शुरुआत में ही इस तरह की खामियां सामने आना चिंताजनक है।
हालांकि पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने की उम्मीद है, लेकिन लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद मरम्मत की नौबत आने से निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी परीक्षण और कार्य की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सुधार कार्य कितनी मजबूती और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाता है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।




