
साइबर ठगी के लिए बैंक खाता देने वाला आरोपी गिरफ्तार, 95.65 लाख के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
दंडकारण्य दर्पण | नारायणपुर, 03 सितंबर 2026
नारायणपुर पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और निकासी के लिए उपलब्ध कराता था। जांच के दौरान उसके खाते में करीब 95.65 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अजय सिंह के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के नेटवर्क और ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की लगातार जांच की जा रही है।
इसी कार्रवाई के तहत थाना नारायणपुर के अपराध क्रमांक 62/2026 में पुलिस ने मनोज निषाद पिता गुरूदत्त निषाद उम्र 32 वर्ष निवासी टीसीपीसी कॉलोनी, बंगला पारा, नारायणपुर को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2), 317(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते की पड़ताल की। इसमें 20 दिसंबर 2024 से 14 फरवरी 2025 के बीच कुल 95,65,134 रुपये की संदिग्ध राशि का लेन-देन पाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इधर-उधर करने और निकालने के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था।
मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को 3 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
नारायणपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर कमीशन या किसी अन्य लालच के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई या अन्य बैंकिंग सुविधा किसी को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराएं। साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में बैंक खाते का इस्तेमाल होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस ने कहा है कि साइबर ठगी के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उनके लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।
साइबर अपराध से संबंधित किसी भी घटना की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।




