
छत्तीसगढ़ में परीक्षा गड़बड़ी पर सख्ती: नया कानून सर्वसम्मति से पारित
छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण विधेयक सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। “छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक, 2026” को सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों का समर्थन मिला।
यह कानून उन मामलों पर सख्ती से नकेल कसने के लिए लाया गया है, जिनमें नकल माफिया, पेपर लीक, फर्जी अभ्यर्थी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए धोखाधड़ी शामिल रही है।
क्या हैं कानून के प्रमुख प्रावधान?
नकल माफिया और संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
फर्जी अभ्यर्थियों के लिए सख्त सजा
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए चीटिंग पर भी दंड का प्रावधान
संगठित अपराध के मामलों में संपत्ति जब्ती और कुर्की
सभी भर्ती एजेंसियों पर लागू—जैसे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और व्यापमं
सरकार की ओर से कहा गया है कि इस कानून के तहत किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को राहत नहीं मिलेगी। साथ ही, जांच की जिम्मेदारी पुलिस उप निरीक्षक (SI) से नीचे के अधिकारी को नहीं सौंपी जाएगी।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार का कहना है कि यह कानून लंबे समय से महसूस की जा रही जरूरत को पूरा करेगा और परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ाएगा।
वहीं विपक्ष ने भी छात्रों के हित को देखते हुए विधेयक का समर्थन किया, हालांकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। विपक्ष का कहना है कि इस कानून से सीधे तौर पर छात्रों को फायदा होगा।
आगे क्या?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कानून परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। हालांकि, असली प्रभाव इसके लागू होने और सख्ती से पालन पर निर्भर करेगा।




