
दंडकारण्य दर्पण
55 किमी का सफर, 80 रुपये किराया… दुधमुंहे बच्चों और गर्भवती महिलाओं संग तपती धूप में भटकते अबूझमाड़ के आदिवासी
कोड़लियर-कुतुल की 16 महिलाएं KYC के लिए पहुंचीं मुख्यालय, भीषण गर्मी में झेलनी पड़ी भारी परेशानी
अबूझमाड़ के दूरस्थ कोड़लियर गांव और कुतुल पंचायत की 16 आदिवासी महिलाएं इन दिनों भारी परेशानियों का सामना कर रही हैं। KYC प्रक्रिया पूरी कराने के लिए उन्हें लगभग 55 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। इस सफर के लिए हर महिला को करीब 80 रुपये किराया खर्च करना पड़ रहा है, जो उनके लिए किसी बोझ से कम नहीं है।
इन महिलाओं में 3 दुधमुंहे बच्चों को गोद में लिए माताएं भी शामिल हैं, वहीं कुछ महिलाएं गर्भवती भी हैं। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच लंबा सफर तय करना उनके लिए बेहद कष्टदायक साबित हो रहा है। कई महिलाएं थकान और गर्मी से बेहाल नजर आईं।
ग्रामीणों का कहना है कि छोटी-सी KYC प्रक्रिया के लिए इतनी दूर आना पड़ना उनकी मजबूरी बन गई है। स्थानीय स्तर पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
आदिवासी महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि कोड़लियर और कुतुल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में ही KYC की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े और उनका समय व पैसा दोनों बच सके।




