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कला और संस्कृतिनारायणपुर

Chhattisgarh: बोरपाल में शांतिपूर्ण समाधान, जनजाति समाज में एक परिवार की आदिवासी रीति- नीति परम्परा से घर वापसी

बोरपाल में शांतिपूर्ण समाधान, आदिवासी समाज में एक परिवार की घर वापसी

नारायणपुर जिले के बोरपाल गांव में ईसाई समुदाय में शामिल हुए एक परिवार के शव दफनाने को लेकर उत्पन्न विवाद आज आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बोरपाल के आदिवासी समाज द्वारा जन आक्रोश रैली और धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज प्रमुख और पदाधिकारी शामिल हुए।कांकेर जिले के आमाबेड़ा में पूर्व में हुई घटना को देखते हुए प्रशासन द्वारा गांव में कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरे घटनाक्रम के दौरान शांति बनी रही। वी. ओ. 01- आज बोरपाल मे धरना प्रदर्शन के बाद गांव में समाज की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आदिवासी समाज के वरिष्ठजनों ने ईसाई समुदाय में शामिल हुए वीरसिंह के परिवार को समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करने और पुनः समाज से जुड़ने की सलाह दी। इस पर वीरसिंह के परिवार ने आदिवासी समाज की परंपराओं का पालन करने और समाज में वापसी करने की सहमति जताई। इसके पश्चात समाज के गायता पटेल द्वारा माटी पूजा कराई गई और तिलक लगाकर परिवार का सम्मानपूर्वक समाज में पुनः स्वागत किया गया। इस अवसर पर वीरसिंह ने कहा कि उनका पूरा परिवार अब पुनः अपने आदिवासी समाज में लौट आया है और गांव के नियम, धर्म व परंपराओं का पालन करते हुए सभी के साथ मिल-जुलकर रहेगा। वी. ओ. 02- पिछड़ा वर्ग समाज के अध्यक्ष गुलाब बघेल ने इस घटनाक्रम को आपसी समझ और सामाजिक सौहार्द का उदाहरण बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एक परिवार की घर वापसी हुई है और उन्होंने अपनी आदिवासी परंपरा के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने का संकल्प लिया है। वहीं समाज के युवा सदस्य मंगऊ राम ने बताया कि वीरसिंह का परिवार पहले आदिवासी समाज से ईसाई समुदाय में शामिल हुआ था और 10 जनवरी को वीरसिंह के पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए थे। ग्रामीणों द्वारा समझाइश देने के बाद परिवार ने समाज में वापसी का निर्णय लिया, जिसका आज पूरे गांव ने स्वागत किया।यह घटना बोरपाल गांव में आपसी संवाद, परंपराओं के सम्मान और सामाजिक एकता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है। बाइट 01 वीरसिंह, घर वापसी बाइट 02 गुलाब सिँह बघेल, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग समाज बाइट 03 मंगाऊ युवा सदस्य समाज बाइट 04 पुलिस अधिकारी

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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