दंडकारण्य सेहत संदेश : दिमाग और मानसिक शांति की प्राकृतिक औषधि – शंखपुष्पी , जाने फायदे, उपयोग और संपूर्ण जानकारी

शंखपुष्पी
परिचय
शंखपुष्पी एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग दिमाग को तेज, शांत और स्वस्थ रखने के लिए किया जाता है। इसके फूल शंख जैसी आकृति के होते हैं, इसीलिए इसे शंखपुष्पी कहा जाता है। यह तनाव, याददाश्त की कमजोरी और अनिद्रा में लाभ देती है।
1. शंखपुष्पी क्या है?
शंखपुष्पी एक छोटा-सा जड़ी-बूटी वाला पौधा है।
इसके फूल शंख (सीप) की तरह दिखते हैं, इसलिए इसे शंखपुष्पी कहा जाता है।
2. शंखपुष्पी के प्रमुख फायदे
1. दिमाग और मेमोरी के लिए फायदेमंद
याददाश्त बढ़ाती है
फोकस और कंसंट्रेशन सुधरता है
दिमाग को रिलैक्स करती है
2. तनाव, एंग्जाइटी और नींद में मदद
दिमाग की गर्मी कम करती है
स्ट्रेस हार्मोन कम करने में सहायक
अच्छी नींद को सपोर्ट करती है
3. मानसिक थकान दूर करती है
ओवरथिंकिंग कम
पढ़ने-वाले, स्टूडेंट्स और ऑफिस वर्क वालों के लिए बेस्ट
4. हार्ट और नर्वस सिस्टम के लिए अच्छी
नसों को शांत करती है
ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक रूप से कंट्रोल करने में सहायक
5. पाचन के लिए भी फायदेमंद
भूख बढ़ाती है
गैस और एसिडिटी को शांत करती है
3. शंखपुष्पी किस रूप में मिलती है?
आप इसे कई फॉर्म में ले सकते हैं:
शंखपुष्पी सिरप / टॉनिक
शंखपुष्पी चूर्ण
कैप्सूल / टैबलेट
ताजे पत्ते और फूल (कच्चे रूप में)
स्टूडेंट्स के लिए सिरप सबसे पॉपुलर है।
4. शंखपुष्पी कैसे लें?
सिरप 1–2 चम्मच रोज पानी के साथ या वैसे ही
चूर्ण आधा चम्मच गुनगुने दूध या पानी के साथ
कैप्सूल/टैबलेट
दिन में 1–2 (ब्रांड पर निर्भर करता है)
5. किसे शंखपुष्पी नहीं लेना चाहिए?
बहुत लो BP वाले लोग डॉक्टर से पूछें
प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की सलाह जरूर
एलर्जी वाले लोग पहले कम मात्रा में ट्राई करें
सामान्यत: यह बेहद सुरक्षित मानी जाती है।
6. साइड इफेक्ट?
आयुर्वेद में इसे सुरक्षित माना गया है।
बहुत ज़्यादा मात्रा में लें तो ये समस्याएँ हो सकती हैं:
नींद ज्यादा आना लो BP हल्का चक्कर
7. शंखपुष्पी किस-किस बीमारी में उपयोगी है?
भूलने की समस्या
एंग्जाइटी
तनाव
सिरदर्द
अनिद्रा
कमजोरी
बौद्धिक विकास
दिमाग की गर्मी
8. शंखपुष्पी कब तक लेना चाहिए?
आयुर्वेद में इसे लंबे समय तक लेने की अनुमति है।
पर सामान्यत: अच्छे परिणाम 30–45 दिनों में दिखने लगते हैं।
आयुर्वेद चिकित्सक या डॉक्टर की सलाह पर हीं लेना चाहिए



