
संवाददाता- दीपक गोटा
नक्सल संगठन के शीर्ष नेता भूपति ने आत्मसमर्पण के बाद अपने सक्रिय साथियों से कि भावनात्मक अपील हथियार छोड़-दें और लौट आएं मुख्यधारा में
नक्सली संगठन शीर्ष नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने आत्मसमर्पण के बाद अपने सक्रिय साथियों से भावनात्मक अपील की हथियार छोड़ दें-सशस्त्र संघर्ष के असफल रास्ते को त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं
उन्होंने अपने पूर्व साथियों से आत्मसमर्पण करने और सहायता लेने के लिए उनसे या सतीश (एक अन्य आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली) से उनके मोबाइल फोन नंबरों के माध्यम से संपर्क करने की अपील की और अपने साथियों से कहा कि दशकों का सशस्त्र संघर्ष का रास्ता असफल साबित हुआ है और इससे कुछ भी हासिल नहीं होगा
भूपति ने जोर दिया कि माओवादी आंदोलन अपने कृत्यों के कारण लोगों से दूर हो गया है, इसलिए उन्हें मुख्यधारा में लौटकर जनता के बीच काम करना चाहिए
भूपति ने कहा कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव आंदोलन के भीतर दरारें और समर्थन में कमी जैसे कारण उनके इस निर्णय का प्रतिबिंब हैं
की आप आंदोलन के नाम पर जो हिंसा की जा रही है उसने माओवादी आंदोलन को उन लोगों से दूर कर दिया है जिनका वह प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, जो स्वयं – रास्ते की विफलता का संकेत है
इस हिंसा का सबसे बड़ा खामियाजा निर्दोष ग्रामीणों और आदिवासियों को भुगतना पड़ रहा है जिनके लिए लड़ने का दावा यह आंदोलन करता था
उन्होंने अपने सक्रिय COMRADES (साथियों) से हथियार डालने शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण करने और कानूनी तरीकों से लोगों के बीच काम करने का आग्रह किया है उन्होंने इच्छुक माओवादियों के संपर्क के लिए अपना और एक अन्य आत्मसमर्पण करने वाले साथी रूपेश का मोबाइल नंबर भी साझा किया है
नक्सली नेतृत्व के भीतर चल रही अंतर्कलह- निराशा और आत्ममंथन की प्रवृत्ति आने वाले महीनों में और भविष्य में भी संगठन को भीतर से कमजोर कर सकती है और ऐसा हो भी रहा है
भूपति सीपीआई (माओवादी) के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय पोलित ब्यूरो का सदस्य था और गढ़चिरौली में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का प्रभार संभालता रहा और
नक्सल संगठन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का भी नेतृत्व करता था- जो महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित अबूझमाड़ के घने जंगलों से संचालित होता है सुरक्षा बलों के मुताबिक वेणुगोपाल राव ने कई हाई-प्रोफाइल हमलों की साजिश रची थी जिनमें 2010 का दंतेवाड़ा सीआरपीएफ हमला शामिल है
जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे उसके खिलाफ हत्या- का प्रयास सुरक्षा बलों पर हमला और आगजनी समेत कई मामले दर्ज थे महाराष्ट्र- तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भूपति के पर 7 करोड़ से अधिक का इनाम था
भूपति ने 14 अक्टूबर, 2025 को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 60 से अधिक अन्य कैडरों के साथ पुलिस और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण किया था जिसे महाराष्ट्र में अब तक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण माना गया है




