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अबूझमाड़स्वास्थ्य

Chhattisgarh: अबूझमाड़ गाँव से एक बड़ी दुखद खबर सामने आई- फूड प्वाइजनिंग के कारण तीन बच्ची सहित दो ग्रामीणों की मौत हो गई है, लगभग 2 दर्जन लोग गंभीर हैं।

 

संवाददाता- दीपक गोटा

 

अबूझमाड़ गाँव से एक बड़ी दुखद खबर सामने आई- फूड प्वाइजनिंग के कारण तीन बच्ची सहित दो ग्रामीणों की मौत हो गई है, लगभग 2 दर्जन लोग गंभीर हैं।

 

 

नारायणपुर जिले में अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत डूगां के आश्रित गाँव गोट में तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान फूड प्वाइजनिंग की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, छत्तीसगढ़ के कोंडागांव और नारायणपुर जिलों में फूड प्वाइजनिंग की कुछ पुरानी घटनाएँ सामने आई हैं, जो शायद मिलती-जुलती हैं

 

करीब 20 से 25 ग्रामीणों के बीमार होने की खबर है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है

 

यह घटना एक कार्यक्रम में दूषित भोजन खाने से हुई।

मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं।

पीड़ितों को दस्त और उल्टी की शिकायत के बाद बीमार हुए

 

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद बीजापुर और नारायणपुर दोनों जिलों से स्वास्थ्य टीमें अबूझमाड़ के दुर्गम इलाके में पहुंचीं और

स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामीणों का इलाज किया जा रहा है

गंभीर मरीजों को भैरमगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है

 

इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है

अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है, ताकि इस फूड पॉइजनिंग के सटीक कारण का पता लगाया जा सके

 

नारायणपुर जिला कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है. कलेक्टर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम हर संभव कोशिश में जुटी है कि प्रभावित सभी लोगों को तत्काल इलाज मिले. इधर तीन बच्चों की मौत के बाद से अबूझमाड़ के गोटा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है

 

जिस इलाके में ये घटना हुई है उस इलाके में मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत है. जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की टीम नेटवर्क एरिया में पहुंचेगी तो पूरी डिटेल ले पाएंगे कि वहां के क्या हालात हैं. फिलहाल तीन मासूम बच्चों की मौत की खबर हमें मिल रही है. जो भी बच्चे और ग्रामीण बीमार हैं उनका इलाज अस्पताल में जारी है. प्रभावित गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा गया है

कलेक्टर प्रतिष्ठा ने कहा है कि मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि और घटना के सही कारणों का पता स्वास्थ्य विभाग की टीम के गांव से लौटने के बाद ही चल पाएगा

 

 

आपको बता दें कि नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के कई ऐसे गांव हैं जहां मोबाइल नेटवर्क की पहुंच नहीं के बराबर है. घने जंगलों से घिरे होने के चलते कई गांवों तक एंबुलेंस और गाड़ी का जाना भी संभव नहीं है

 

फूड पॉइज़निंग से कई तरह के दूषित खाद्य पदार्थों को खाने से हो सकती है, जो बैक्टीरिया, वायरस या परजीवियों से प्रभावित होते हैं। कुछ खाद्य पदार्थ दूसरों की तुलना में अधिक जोखिम भरे होते हैं

 

 

फूड पॉइजनिंग तब होती है जब आप हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या टॉक्सिन्स युक्त दूषित भोजन या पानी खाते हैं। इसके सामान्य कारणों में अधपका मांस, चिकन, अंडे, बिना पाश्चुरीकृत दूध, और दूषित फल या सब्जियां से होते हैं। अस्वच्छ तरीके से खाना बनाना, अनुचित स्टोरेज और खराब स्वच्छता भी इसके कारण हैं

 

नारायणपुर ज़िले में अबूझमाड़ इलाके में फ़ूड पॉइजनिंग से 3 बच्चों की मौत हो गई थी। कई अन्य ग्रामीणों को इलाज के लिए भैरमगढ़ अस्पताल भेजा गया था

 

यह दुखद घटना अबूझमाड़ के गोट पारा गांव (ओरछा ब्लॉक) में हुई थी और प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग को ही मौत का कारण बताया गया है

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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