
संवाददाता- दीपक गोटा
छत्तीसगढ़ बस्तर जिले में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता
दण्डकारण्य क्षेत्र के 208 से अधिक माओवादी कैडर करेंगे आत्मसमर्पण…

208 से अधिक माओवादी कैडरों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है
उत्तर बस्तर के लिए 17-अक्टूबर 2025 एक
महत्वपूर्व दिन है- दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 208
माओवादी आज हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापस लौटेंगे-इनमें वरिष्ठतम हार्डकोर कैडर भी शामिल हैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा के सामने नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे
जगदलपुर के रिजर्व पुलिस लाइन में होगा औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह- आज सुबह 11 बजे नक्सली नेता रूपेश के नेतृत्व में 208 से अधिक नक्सली सरेंडर करेंगे कार्यक्रम में गृहमंत्री विजय शर्मा और बस्तर रेंज IG पी सुंदरराज के साथ अन्य अधिकारी भी मौजूद
नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक मोड़
का बनेगा प्रतीक -CM विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की असली शक्ति लोगों की आत्मनिर्भरता शिक्षा और सम्मान में है और उनकी सरकार इन मूल्यों को आगे बढ़ा रही है
इन्हीं मूल्यों पर आधारित शासन की नीति ने अब दण्डकारण्य के भीतरी इलाकों तक नई उम्मीद और परिवर्तन का संदेश पहुंचाया है. यह अवसर बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक बनेगा
गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर के नक्सल-मुक्त होने की घोषणा की है, जिसे राज्य में शांति और विकास के नए युग का प्रतीक माना जा रहा है
भैरगगढ़ से सरेंडर के लिए रवाना होने वाले नक्सलियों में नक्सली प्रवक्ता रूपेश के अलावा 1 सेंट्रल कमेटी मेंबर (सीसीएम)-2 दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (डीकेएसजेडसी)-15 डिविजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम)- एक माड़ एसीएम और 121 अन्य कैडर के माओवादी शामिल हैं इनके शुक्रवार को समर्पण करने के बाद पूरा माड़ डिवीजन खाली हो जाएगा
इस सफलता का श्रेय पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीतिक कार्रवाई स्थानीय प्रशासन के सहयोग और लोगों की भागीदारी को दिया
बस्तर हुआ नक्सल मुक्त- दो दिन में 258 ने डाले हथियारः केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने बताया ऐतिहासिक, कहा- हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध…



