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Chhattisgarh: सुरक्षा बलों के हाथों एक और बड़ी सफलता ओरछा के भीतर माओवादियों के शीर्ष नेताओं के आश्रय स्थल ‘‘ईदवाया’’ में खोला गया नवीन कैंप

 

सुरक्षा बलों के हाथों एक और बड़ी सफलता ओरछा के भीतर माओवादियों के शीर्ष नेताओं के आश्रय स्थल ‘‘ईदवाया’’ में खोला गया नवीन कैंप

 

 माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत माओवादियों के शीर्ष नेताओं के आश्रय स्थल ‘‘ईदवाया’’ में स्थापित हुआ नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप। एक साल के भीतर नारायणपुर जिले (अबूझमाड़ क्षेत्र) में खुला 10वां ‘‘सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प’’।

नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी के 38वीं वाहिनी ने खोला ईदवाया में जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प।

यह कैम्प स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा के भय से निजात दिलाने में मददगार साबित होगी ।

 

 

 

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित किए जा रहे हैं अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाके में सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को वहां के लोगों तक पहुंचने के लिए यह सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

 

अबूझमाड़ क्षेत्र में हो रहे इस तेजी से विकास कार्यों से प्रभावित होकर वर्ष 2024-25 में नक्सल विचारधारा को त्याग कर मुख्य धारा में लौटे 192 माओवादी

भारी बारिश और बाढ़ जैसे मानसूनी चुनौतियों के बावजूद नारायणपुर पुलिस ने खोली थाना ओरछा के आगे दूसरा अंदरूनी कैम्प “ईदवाया” नवीन कैम्प ईदवाया में स्थापित करने में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 29वीं, 38वीं, 44वीं, 45वीं,वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका।

 

 

इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम ईदवाया क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं ओरछा -एडजूम-ईदवाया-आदेर मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से दिनांक 06-10-2025 को नारायणपुर पुलिस डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 29वीं, 38वीं, 44वीं, 45वीं वाहिनी के द्वारा घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम ईदवाया में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम ईदवाया में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्राम ईदवाया ओरछा ब्लॉक, ओरछा तहसील व थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है। नवीन कैम्प ईदवाया थाना ओरछा से 12 किलोमीटर और एडजूम से 5.5 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थित है।

 

कैम्प ओपनिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) ने अन्य अधिकारियों के साथ ग्राम ईदवाया, दुलूर, भटबेड़ा, बड़े तोडबेडा, आदेर, मरकाबेड़ा और ओरछामेटा एवं आसपास गांव से आये ग्रामीणों से कुशलक्षेम जानकर उनके समस्याओं को सुना गया। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से बिजली, नल-जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोड इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के साथ पुलिस कैम्प की मांग किया गया जिसे जल्द पूर्ण कराये जाने का आश्वासन दिया गया साथ ही ‘‘नियद नेल्लानार’’ के अंतर्गत ‘‘जन समस्या निवारण शिविर’’ का आयोजन कराये जाने के संबंध में बताया गया। जिला मुख्यालय नारायणपुर से बेड़माकेाटी तक जल्द ही बस सुविधा प्रारंभ की जायेगी।

 

ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा मारे गये लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नक्सलवाद की प्रताड़ना को व्यक्त किया और इस बात के लिए खुशी जाहिर किये कि पुलिस कैम्प खुलने से अब भय मुक्त जीवन जी सकेंगे। आसपास के नक्सल समर्थक ग्रामीण स्वयं को सुरक्षित महसुस कर माड़ क्षेत्र में कैम्प स्थापना के प्रभाव से आत्मसमर्पण हेतु नारायणपुर पुलिस के पास पहुंच रहे है।

 

नारायणपुर माड़ में नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए नवीन पुलिस कैम्पों की स्थापना की जा रही है। क्षेत्र में नक्सल गतिविधि चुनौती से निपटने के लिए शासन के मंशानुसार क्षेत्र में लगातार सघन नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने लिए नये पुलिस कैम्पों की स्थापना, सुरक्षा बलो की तैनाती और स्थानीय संवाद में सुधार शामिल किया गया है।

 

ईदवाया में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।

 

सुरक्षा बलों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी पहुंच और निगरानी, स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा से निजाद दिलाने में मदद मिलेगी। यह कदम नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए कारगर रहेगा। नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना होने से नक्सल उन्मुलन में तेजी आई है जिसके फलस्वरूप वर्ष 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्याग कर 192 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किये एवं सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों 99 माओवादी को मार गिराने व 117 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित हुई है।

 

 

श्री पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री अमित कांबले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर, श्री रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री संदीप पटेल सेनानी 16वीं वाहिनी छसबल जिला नारायणपुर, श्री दुष्यंतराज जायसवाल कमाण्डेंट 29वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री रोशन सिंह असवाल कमाण्डेंट 38वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री राजीव गुप्ता कमाण्डेंट 45वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री मुकेश कुमार दशमाना कमाण्डेंट 44वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री अक्षय सबद्रा अति० पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री अजय कुमार अति० पुलिस अधीक्षक नारायणपुर अति० पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 29वीं, 38वीं, 44वीं, 45वीं वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 

नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित नक्सलियों के आश्रयस्थल कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम और ईदवाया में कै

म्प खोली है।

 

 

 

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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