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Chhattisgarh: समुद्र के बीच से निकलता है कुंभकरण दशहरा पर्व का भव्य आयोजन …

समुद्र के बीच से निकलता है कुंभकरण दशहरा पर्व का भव्य आयोजन …

 

ग्राम पंचायत तारगांव में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कुंभकरण दशहरा पर्व का भव्य आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर तालाब से कुंभकरण की विशाल प्रतिमा को शोभायात्रा के रूप में लाया गया, जिसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु व दर्शक एकत्र हुए।

 

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा कुंभकरण की झांकी, जिसे ग्रामीणों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ सजाया था। जैसे ही झांकी गांव में प्रवेश करती है, पूरा वातावरण जयघोष, ढोल-नगाड़ों और उत्सव के रंगों से गूंज उठता है।

 

तालाब से निकाले गए कुंभकरण को रावण दल के साथ भव्य झांकी के रूप में रामलीला मंच तक लाया जाता है, जहां राम और कुंभकरण के बीच युद्ध दृश्य का मंचन किया जाता है। यह दृश्य दर्शकों में रोमांच भर देता है।

 

तारगांव का यह पर्व आसपास के गांवों में भी प्रसिद्ध है और इसे क्षेत्र का सबसे भव्य दशहरा उत्सव माना जाता है। दूर-दूर से लोग अपने परिवारों सहित इस आयोजन में भाग लेने पहुंचते हैं, जिससे गांव में मेले जैसा उल्लासपूर्ण माहौल बन जाता है।

 

दशहरा समिति के अध्यक्ष नरेंद्र नेताम ने बताया —यह परंपरा वर्षों पुरानी है। यहाँ दशहरा केवल रावण वध तक सीमित नहीं है, बल्कि कुंभकरण को भी विशेष सम्मान दिया जाता है। ग्रामीणों की आस्था और सहयोग से यह आयोजन हर वर्ष और अधिक भव्य होता जा रहा है।”

यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा और संस्कृति को जीवंत रखने का माध्यम भी है।

Bindesh Patra

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