
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात राज्योत्सव में महतारी वंदन योजना की वेबसाइट जल्द खुलेगी और लाभ सीधे ऑनलाइन मिलेंगे।
महतारी वंदन योजना का लाभ लेने की बाट जोह रही महिलाओं को नवंबर में सौगात मिल सकती है
जिन महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है उन्हें इसका लाभ देने के लिए राज्योत्सव के दौरान राज्य सरकार घोषणा कर सकती है इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग नए आवेदन के लिए विभाग की वेबसाइट ओपन कर सकता है ।
सूत्रों के अनुसार, विभाग ने नए आवेदन लेने और योजना के लाभ से वंचित महिलाओं को लाभ देने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है
इस संबंध में एक प्रस्ताव भी छह महीने पहले तैयार किया था
इसे मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा गया था, लेकिन अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है
बताया जाता है कि कई महिलाएं सरकारी विभाग में नौकरी भी कर रही हैं और उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। इसमें पुलिस विभाग, नगर निगम, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत महिलाएं शामिल हैं
हालांकि अधिकांश महिलाएं प्लेसमेंट व अन्य एजेंसी के माध्यम से सरकारी विभागों में कार्य कर रही हैं!
लेकिन योजना के नियम के तहत किसी सरकारी विभाग में कार्य करने वाले महिलाएं योजना की पात्र नहीं होगी!
अभी 69 लाख महिलाओं को मिल रहा लाभः बता दें कि महतारी वंदन योजना का लाभ वर्तमान में करीब 69 लाख महिलाओं को मिला है। इन सभी को मिलाकर राज्य शासन हर करीब 700 करोड़ रुपए महिलाओं के खाते में डाल रहा है
लाभ से वंचित महिलाओं की संख्या लाखों में
जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में महतारी वंदन योजना के लाभ से वंचित महिलाओं की संख्या लाखों में है। क्योंकि 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद विवाहित महिलाओं को योजना के तहत हर माह 1-1 हजार रुपए देने का प्रावधान है?
पिछले डेढ़ साल में हर जिले में हजारों महिलाएं योजना का लाभ दिलाने के लिए भाजपा नेताओं से गुहार भी लगा चुकी हैं
लेकिन नए आवेदन जमा नहीं होने के कारण इन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इधर, अपात्र महिलाओं की भी हो रही छंटनी सूत्र के मुताबिक महिला एवं बाल विकास विभाग ने ऐसी अपात्र महिलाओं की छंटनी भी शुरू कर दी है।
जो योजना के नियम के दायरे में नहीं आती। फिर भी उन्हें योजना का मिल रहा है। ऐसी महिलाओं के आवेदनों की जांच कर योजना से बाहर भी किया जा रहा है?
बताया जाता है कि विभाग अब तक करीब पांच हजार महिलाओं को योजना से बाहर भी किया जा चुका है ।



