BIG NEWS: नक्सली हथियार डाल रहे हैं ..नक्सलियों में सुरक्षाबलों का खौफ, अस्थाई तौर पर हथियार डालने की घोषणा की; केंद्र को भेजा शांति वार्ता का संदेश

नक्सलियों में सुरक्षाबलों का खौफ, अस्थाई तौर पर हथियार डालने की घोषणा की; केंद्र को भेजा शांति वार्ता का संदेश
केंद्र सरकार ने अगले वर्ष मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का ऐलान किया है. इसलिए सुरक्षाबलों का नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है. पिछले एक वर्ष में नक्सलियों के कई बड़े नेता ढेर हो चुके हैं, जिसका खौफ अब नक्सलियों में देखा जा रहा है. इसी खौफ के चलते उन्होंने एक बार फिर से केंद्र सरकार से शांति वार्ता की पहल की है. नक्सली नेता ने सोमवार को पर्चा जारी किया है.
माओवादी पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता अभय ने पर्चा जारी कर ऐलान किया है कि माओवादियों ने हथियारबंद संघर्ष को अस्थाई तौर पर विराम देने की घोषणा की. उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार एक समिति गठित करे, ताकि वो वार्ता कर सकें. प्रवक्ता अभय ने एक ईमेल आईडी जारी कर सरकार से उस पर अपना विचार भेजने की बात भी कही है. साथ ही सरकार से एक महीने का सीजफायर करने का निवेदन भी किया है, जिससे वे अपने सभी नेतृत्व करने वाले साथियों से इस विषय पर चर्चा कर सकें.
छत्तीसगढ़ के नक्सलबाहुल बस्तर, गरियाबंद, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा में पिछले एक वर्ष में कई नक्सलियों ने समर्पण किया है. इसके अलावा कई बड़े नक्सली नेता मारे भी जा चुके हैं. हाल ही में गरियाबंद जिले के जंगलों में मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए थे.
डेढ़ करोड़ का इनामी समेत 10 नक्सली हुए ढेर
10 से 12 सितंबर तक मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा मटाल पहाड़ियों में चला संयुक्त ऑपरेशन छत्तीसगढ़ पुलिस के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ. ई.30 एसटीएफ, सीएएफ और कोबरा 207 बटालियन की कार्रवाई में 10 नक्सली ढेर हुए. इनमें केंद्रीय समिति (सीसी) का सदस्य मोडेम बालकृष्णन उर्फ मनोज भी शामिल था, जिस पर 1.5 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.





