
नारायणपुर: छोटेडोंगर आमदई लोह खदान में मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 37 घायल
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र स्थित आमदई लोह खदान के पास मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वाहन में सवार सभी मजदूर घायल हो गए हैं।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक पिकअप में कुल 37 मजदूर सवार थे, जो खदान क्षेत्र में काम करने जा रहे थे। अचानक वाहन के अनियंत्रित होकर पलटने से मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। घायलों को आसपास के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया है।
एक दिन पहले भी हुआ था हादसा
बताया जा रहा है कि इससे एक दिन पहले भी छोटेडोंगर रोड के झाराघाटी इलाके में एक पिकअप वाहन पलट गई थी, जिसमें तीन गरीब आदिवासी ग्रामीणों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों से इलाके में चिंता बढ़ गई है।
सड़क की खराब हालत पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों और ट्रकों की आवाजाही के कारण सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। यही वजह है कि कई सवारी बस संचालकों ने इस मार्ग पर बस चलाने से इनकार कर दिया है।
बस सेवा बंद होने के कारण लोगों को मजबूरी में पिकअप और अन्य असुरक्षित वाहनों में सफर करना पड़ रहा है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।
प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद स्थानीय लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि खराब सड़क और असुरक्षित यातायात व्यवस्था के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की मरम्मत और सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था नहीं की गई, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र स्थित आमदई लोह खदान के पास मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वाहन में सवार सभी मजदूर घायल हो गए हैं।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक पिकअप में कुल 37 मजदूर सवार थे, जो खदान क्षेत्र में काम करने जा रहे थे। अचानक वाहन के अनियंत्रित होकर पलटने से मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। घायलों को आसपास के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया है।
एक दिन पहले भी हुआ था हादसा
बताया जा रहा है कि इससे एक दिन पहले भी छोटेडोंगर रोड के झाराघाटी इलाके में एक पिकअप वाहन पलट गई थी, जिसमें तीन गरीब आदिवासी ग्रामीणों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों से इलाके में चिंता बढ़ गई है।
सड़क की खराब हालत पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों और ट्रकों की आवाजाही के कारण सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। यही वजह है कि कई सवारी बस संचालकों ने इस मार्ग पर बस चलाने से इनकार कर दिया है।
बस सेवा बंद होने के कारण लोगों को मजबूरी में पिकअप और अन्य असुरक्षित वाहनों में सफर करना पड़ रहा है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।
प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद स्थानीय लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि खराब सड़क और असुरक्षित यातायात व्यवस्था के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की मरम्मत और सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था नहीं की गई, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।




