जो भी निकों कंपनी का दलाल या शासन प्रशासन का एजेंट बन कर काम करेगा उसको सागर साहू के जैसे मौत का सजा मिलेगा – माओवादी संगठन प्रवक्ता : नीति ने फरमान जारी किया है।.. जाने नारायणपुर एसपी पुष्कर शर्मा ने क्या कहा हैं।


जो भी निकों कंपनी का दलाल या शासन प्रशासन का एजेंट बन कर काम करेगा उसको सागर साहू के जैसे मौत का सजा मिलेगा
माओवादी संगठन प्रवक्ता : नीति
ने फरमान जारी किया है।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवदी) पूर्व बस्तर डिविजन कमेटी
नारायपुर जिला छोटे डोंगर का आरएसएस, बीजेपी का उपाध्यक्ष और जयसवाल निको कंपनी का दलाल एजेंट काम करने वाला सागर साहू को जनता के फैसले के मुताबिक पीएलजीए ने मौत की सजा दी.
नारायपुर जिला छोटे डोंगर निवासी सागर साहू को 10 फरवरी शाम 8 बजे के समय में पीएलजीए ने गोली मारकर हत्या कर दी.
आमदई पहाड़ को खदान खोलने का 1970 से योजना चल रही थी. इस योजना को जनआंदोलन से रोककर रखी थी. 15 दिसंबर 2021 में आमदई पहाड़ के चारो ओर 6 पुलिस कैम्प बिठाकर सागर साहू जैसे दलालों के मदद से संघर्ष को कमजोर कर खदान खोलने का चालू किया गया.
केंद्र की ब्राम्हणीय हिन्दूत्व फासीवादी मोदी सरकार और राज्य की जनविरोधी कांग्रेस सरकार मिलकर
देश-विदेशी पूंजीपतियों को बस्तर के सारे संसाधानों को बेचने का सैकड़ों समझौता किए हुए हैं, इन
समझौतों के खिलाफ जनता संघर्ष कर रही है. इन संघर्षो को दबाने के लिए केंद्र-राज्य सरकारें बस्तर
में कॉरपॉटीकरण-सैनिकीकरण कर बस्तर संभाग की जनता की जनवादी अधिकारों को पूरी तरह रौंद
कर सैनिक छावनी बना रही है और भोले-भाले आदिवासियों को गैर आदिवासियों को केंद्र-राज्य
सरकारों की षड़यंत्र के तहत अपने चंगुल लालच में फंसा कर सरकार की नीतियों को अमल करवा
रही है. इनके षड़यंत्र के तहत ही सागर साहू की नैतिक हत्या की मुख्या जिम्मेदारी केंद्र के मोदी,
अमितशाह, राज्य के भूपेश बघेल और निको जयसवाल कंपनी इसका मौत का जिम्मेदार हैं.
ऐसे ही सागर साहू को 2015 से पुलिस-प्रशासन अपनी गोदी में लेकर चल रही थी. सागर साहू निको कंपनी का दलाल एजेंट बनकर काम कर रहा था. जनविरोधी, आदिवासी विरोधी नीतियों को अमल करने में एक नंबर का दलाल था. 84 परगना 18 पंचायत के गांवों की जनता की अस्तित्व को ही बर्बाद करने में तुला हुआ था. जनवरी 2021 में 40 हजार जनता सड़क पर उतरकर अपनी अस्तित्व – अस्मिता, आत्मसम्मान को बचाने के लिए आंदोलन कर रही थी. इस आंदोलन में सागर साहू आगे रहकर नेतृत्व करने का नाटक करते हुए, आंदोलन को भटकाने का काम किया, इसके साथ-साथ खदान खोलने के लिए खदान एजेंटों को मदद करना, प्रोत्साहन देना, सरकारी योजनाओं को अमल करवाने में आगे रहता था. इसके खिलाफ जो भी बात करता उनको डराना, धमकाना, आंदोलन को नेतृत्व करने वालों को आरेस्ट करवाना व नवजवान युवकों, बेरोजगारों को बेवकूप बना कर दलालों के गुलाम काम करवाने में एक नंबर का दलाली था.
सागर साहू को इस तरह की हरकतों से हमारी पार्टी, जनता 2 सालों से समझाते हुए आई, फिर भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया. और भी जनता को धोखा देने का काम करता रहा. आमदई खदान का दलाल काम न छोड़ने के कारण मौत का सजा मिला. तबका के लोगों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, छात्र-नवजवानों, महिलाओं, कर्मचारियों, दी प्रगतिशील संगठनों, देशमतों से पूर्व बस्तर डिविजन कमेटी अपील करती है कि आमदई को बचाने, जल-जंगल-जमीन को बचाने आंदोलन में आगे आयें. निको कंपनी के दलालों को नगाओ, निको कंपनी के दलाल काम करने वाले बैदराज, कोमलमांझी, हरीमांझी इन लोग जनता मने आ कर अपना गलती मानें गलती न मानने वालों को सामाजिक बहिष्कार करें. ईखदान को रद्द करने के लिए हर तबके की जनता जुझारू संघर्ष करने आगे आयें.
प्रवक्ता
नीति
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) पूर्व बस्तर डिविजन कमेटी




