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नारायणपुर गढ़िया मंदिर में नया पुजारी का दायित्व सौंपने लगभग 25 साल बाद पहुंचे बाबा पाटदेव ,गांव की समस्या सुलझाने जाते हैं बाबा पाटदेव, बस्तर कलेक्टर देते हैं इजाजत

नारायणपुर गढ़िया मंदिर में नया पुजारी का दायित्व सौंपने लगभग 25 साल बाद पहुंचे बाबा पाटदेव ,गांव की समस्या सुलझाने जाते हैं बाबा पाटदेव, बस्तर कलेक्टर देते हैं इजाजत

बाबा पाटदेव आदिवासियों के अति पूजनीय देवता हैं। ये ग्रामीणों के बीच न्यायाधीश और दुखहर्ता के रूप में प्रसिद्ध हैं। गांव में बीमारी, चोरी, बाढ़, फसल खराब होने जैसी समस्या होने पर ग्रामीण पाटदेव को अपने गांव ले जाते रहे हैं। गांव की समस्या दूर करने तथा न्याय करने की आशा उनसे सभी को रहती है। ग्रामीण बाकायदा कलेक्टर कार्यालय में अर्जी लगाकर और शुल्क पटाकर पाटदेव को अपने गांव ले जाते। हालांकि बस्तर संभोग के सैकड़ों गांवों में लगातार 700 वर्षों तक न्याय करते आए बाबा पाटदेव ।

नारायणपुर के गढ़िया मंदिर के पुजारी जी का स्वर्गवास होने के बाद गढ़िया देव दूसरे पर अब तक विराजमान नहीं हुए हैं , लगभग 12 से 15 बरस हुए हैं अब तक गढ़िया देव नहीं आने से जंगी भाइयों (संरक्षक करने वाले समाज) में निराशा होने के कारण बाबा पाटदेव को न्याय के लिए नारायणपुर बुलाया गया है।
बाबा पाटदेव नारायणपुर में 3 दिनों तक रहेंगे।

दंडकारण्य दर्पण

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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