
बंधवा तालाब में अब तक मात्र 30 प्रतिशत जलकुंभी की सफाई के एक करोड़ खर्च
पानी छोड़कर तालाब की अच्छे से सफाई कराने के दिये निर्देश

जलकुंभी सफाई में एक करोड़ रुपये खर्च करना नया भ्रष्टाचार का तरीका ,स्थानीय गरीब मजदूरों से करवाते तो स्थानीय मजदूरों को रोजगार भी मिलता- बृजमोहन

नारायणपुर – नारायणपुर नगर पालिका के ह्रदय स्थल में स्थित ऐतिहासिक बंधवा तालाब जलकुंभी से पटा हुआ है और जलकुंभी की सफाई के लिए जिला प्रशासन द्वारा 1 करोड़ 14 लाख की लागत से ठेकेदार से सफाई की जा रही है जो कि विवादों में आ गई है । जिसको लेकर 12 जनवरी को जिला प्रशासन की बैठक में जिला के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने सिर्फ जलकुंभी की सफाई में एक करोड़ रुपये की राशि खर्च किया जाने को फिजूल खर्च बताया और बंधवा तालाब का पानी छोड़कर तालाब की सफाई करने के निर्देश दिए । वही भाजपा जिलाध्यक्ष बृजमोहन देवांगन ने जलकुंभी सफाई को भ्रष्टाचार का नया तरीका बताया और कहा कि बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए बंधवा तालाब की जलकुंभी सफ़ाई को प्रभारी मंत्री द्वारा बंद कराना बताया । ज्ञात हो कि नारायणपुर नगर पालिका के हृदय स्थल पर 52 एकड़ में स्थित बंधवा तालाब में पिछले दो सालो से जलकुंभी से पट जाने के कारण ना ही निस्तारी के काम रहा और ना ही जानवरो के प्यास पुझाने के काम का रहा था । जलकुंभी से पटी बंधवा तालाब को जिला प्रशासन द्वारा केवल जलकुंभी की सफाई के लिए एक माह पहले 1 करोड़ 14 लाख की लागत से सफाई कराये जाने का मामला अब विवादों में आ गया है जहां भाजपा जिलाध्यक्ष बृजमोहन देवांगन ने भ्रष्टाचार का नया तरीका बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन और कांग्रेस मिलकर नए नए तरीके ईजाद कर रही है भ्रष्टाचार के । वही कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देवनाथ उसेंडी ने बताया कि प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने 12 जनवरी को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में हुई अधिकारियों की बैठक में जिला कलेक्टर को बंधवा तालाब में की जा रही सिर्फ जलकुंभी सफाई को फिजूलखर्ची बताते हुए सफाई कार्य को बंद करने के निर्देश जिला प्रशासन को बैठक के दौरान दिया और कहा कि पानी छोड़कर पूरा साफ किया जाए इससे तालाब की अच्छे से सफाई होगी । सिर्फ जलकुंभी की सफाई में इतनी राशि खर्च करना गलत है ।



