
नक्सलियों तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाने के मामले में तीन आरोपी दोषसिद्ध
विशेष न्यायालय एनआईए एक्ट नारायणपुर ने कारावास और अर्थदंड से किया दंडित
नारायणपुर, 11 अगस्त 2026। नक्सल गतिविधियों के लिए विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के मामले में नारायणपुर की विशेष न्यायालय एनआईए एक्ट ने तीन आरोपियों को दोषसिद्ध कर विभिन्न धाराओं के तहत कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला 19 मार्च 2024 का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तारागांव में कुछ लोगों द्वारा जड़ी-बूटी बेचने के सामान के नाम पर गठरियों में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है। इस सामग्री को नक्सलियों तक पहुंचाने की योजना होने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चार डेटोनेटर, सात बोरी पोटेशियम नाइट्रेट, सात मीटर लाल रंग का कॉर्डेक्स वायर और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की विवेचना राज्य अन्वेषण अभिकरण, पुलिस मुख्यालय रायपुर को सौंपी गई। विवेचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि बरामद विस्फोटक सामग्री को नक्सली संगठन के सप्लायर और अन्य नक्सलियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रवि मरकाम और चमेली बाई के माध्यम से नारायणपुर बाजार से तारागांव ले जाया जाना था।
विवेचना के दौरान ग्राम गवाड़ी, पंचायत थुलथुली, थाना ओरछा निवासी कोसरू वड्डे को भी मामले में आरोपी पाया गया। राज्य अन्वेषण अभिकरण द्वारा उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
तीन आरोपी दोषसिद्ध
इस मामले में चमेली बाई, रवि मरकाम उर्फ सुशील और कोसरू वड्डे को न्यायालय ने दोषसिद्ध किया है। न्यायालय ने साक्षियों के बयान और विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई।
न्यायालय ने सुनाई ये सजा
विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 के तहत सात वर्ष का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड।
धारा 5 के तहत सात वर्ष का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड।
विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 10(1) के तहत दो वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।
धारा 13(1) के तहत पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।
धारा 38(2) के तहत पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।
धारा 39(2) के तहत पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।
नारायणपुर पुलिस और राज्य अन्वेषण अभिकरण की ओर से नक्सल गतिविधियों को सहयोग पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार कानून और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।




