
सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आत्मसमर्पितों को किया प्रोत्साहित
नारायणपुर, 28 जून 2026। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने एक दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से आत्मीय मुलाकात की और उनसे खुलकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा महिलाओं के अनुभव सुनते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
संवाद के दौरान आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि नक्सल संगठन का जीवन भ्रम, भय और गुमराह करने वाली विचारधारा से भरा हुआ था। उन्होंने बताया कि मुख्यधारा से जुड़ने के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई राह मिली है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रही हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शासन की मंशा है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कई पूर्व नक्सली आज सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं या सामान्य नागरिक के रूप में सफल जीवन जी रहे हैं, जो पुनर्वास नीति की सफलता का प्रमाण है।
मंत्री ने उपस्थित सभी महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, नगर पालिका के पार्षदगण, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मंडावी सहित जनप्रतिनिधि मौजूद थे।




