
दंडकारण्य दर्पण
एग्रीस्टैक किसान पंजीयन अभियान जारी, 10 जून तक फॉर्मर आईडी बनवाने की अपील
फॉर्मर आईडी से किसानों को मिलेगा योजनाओं का लाभ, धान विक्रय प्रक्रिया भी होगी आसान
नारायणपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा जिले में एग्रीस्टैक किसान पंजीयन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करने के लिए फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है, जिससे उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिल सके।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 11 हजार 972 किसानों का धान विक्रय के लिए पंजीयन हुआ था। इनमें 4 हजार 588 किसान एग्जेम्प्टेड श्रेणी में शामिल हैं। अब तक 999 किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कर फॉर्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। इनमें 842 मसाहती और वनाधिकार पट्टाधारी किसान तथा 153 ग्राम नौकर, संस्थागत एवं शासकीय पट्टाधारी किसान शामिल हैं। शेष 3 हजार 589 किसानों का पंजीयन किया जाना अभी बाकी है।
फॉर्मर आईडी बनने से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इसके अलावा किसानों के डिजिटल भूमि एवं फसल रिकॉर्ड तैयार होंगे, कृषि ऋण और सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल होगी तथा भविष्य की डिजिटल कृषि सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।
किसानों के पंजीयन कार्य को गति देने के लिए कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पंचायतों, तहसील कार्यालयों, धान खरीदी केंद्रों और जिले के सभी लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से फॉर्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है। किसान राज्य किसान पोर्टल, सीएससी सेंटर अथवा ऑनलाइन फॉर्मर रजिस्ट्री पोर्टल के माध्यम से भी अपना पंजीयन करा सकते हैं।
पंजीयन के लिए किसानों को आधार नंबर और मोबाइल नंबर के माध्यम से ई-केवाईसी सत्यापन कराना होगा तथा भूमि संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से 10 जून तक अनिवार्य रूप से एग्रीस्टैक पंजीयन एवं फॉर्मर आईडी बनवाने की अपील की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय पर पंजीयन नहीं कराने की स्थिति में भविष्य में धान विक्रय और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी पात्र किसानों से समय रहते अपना पंजीयन पूर्ण कराने का आग्रह किया गया है।




