CG News: अबूझमाड़ और नारायणपुर के रहवासियों के लिए राहत की सांस भव्य निःशुल्क महा स्वास्थ्य शिविर में हजारों लोगों को मिला बेहतर इलाज

अबूझमाड़ और नारायणपुर के आदिवासियों के लिए राहत की सांस भव्य निःशुल्क महा स्वास्थ्य शिविर में हजारों लोगों को मिला बेहतर इलाज
नारायणपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहे अबूझमाड़ और दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी पहल सामने आई है। वर्षों से बेहतर इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा से वंचित आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को पहली बार इतने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला, जब नारायणपुर में भव्य निःशुल्क महा स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस विशेष स्वास्थ्य शिविर में हजारों की संख्या में ग्रामीणों और आदिवासी मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। शिविर में 30 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं, जिसमें प्रदेश के अनुभवी और नामी स्पेशलिस्ट शामिल रहे। मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
इस पहल को नारायणपुर विधायक केदार कश्यप और जिला कलेक्टर नम्रता जैन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। दोनों की पहल पर यह शिविर आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था, जहां आज भी बुनियादी इलाज के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
शिविर के दौरान विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों ने आपस में विस्तृत चर्चा भी की और मीडिया को संबोधित करते हुए इस क्षेत्र में प्रचलित बीमारियों की जानकारी साझा की। डॉक्टरों ने बताया कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहां कुपोषण, एनीमिया, त्वचा रोग, मलेरिया और अन्य संक्रमणजनित बीमारियां अधिक देखने को मिलती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजधानी से दूरी और संसाधनों की कमी के चलते यहां के लोगों को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाता, जिससे छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले लेती हैं।
डॉक्टरों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य शिविर लगातार आयोजित होते रहने चाहिए, ताकि दूरदराज के लोगों को नियमित रूप से विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकें और बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार किया जा सके।
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में इस प्रकार का विशाल स्वास्थ्य शिविर न केवल राहत लेकर आया बल्कि लोगों में विश्वास भी जगाया कि अब उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
शिविर में सामान्य जांच के साथ-साथ हृदय रोग, हड्डी रोग, महिला एवं बाल स्वास्थ्य, नेत्र जांच सहित विभिन्न बीमारियों का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया गया। गंभीर मरीजों को आगे इलाज के लिए रेफर करने की व्यवस्था भी की गई।
ग्रामीणों ने इस पहल को एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इस तरह के आयोजन पहले कभी देखने को नहीं मिले थे। लोगों के चेहरों पर संतोष और उम्मीद साफ नजर आई।
यह महा स्वास्थ्य शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि उस दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है, जिससे नारायणपुर और अबूझमाड़ के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई शुरुआत मानी जा रही है। जरूरत इस बात की है कि इस तरह की पहल लगातार जारी रहे, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर और समय पर इलाज मिल सके।




