
दंडकारण्य दर्पण
RTE को लेकर निजी स्कूलों का विरोध तेज, 18 अप्रैल को प्रदेशभर में बंद का ऐलान
रायपुर में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का असहयोग आंदोलन लगातार जारी है। आरटीई के तहत लॉटरी से चयनित छात्रों को प्रवेश नहीं देने की बात सामने आने के बाद निजी स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने विरोध का रुख और तेज कर दिया है।
एसोसिएशन ने घोषणा की है कि 17 अप्रैल को सभी शिक्षक और स्कूल संचालक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इसके बाद 18 अप्रैल को प्रदेशभर के सभी निजी स्कूल पूरी तरह बंद रखे जाएंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री को भी औपचारिक रूप से सूचना दे दी गई है।
निजी स्कूलों की मुख्य मांग आरटीई के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को लेकर है। संचालकों का कहना है कि वर्ष 2011 से अब तक इस राशि का पुनर्निर्धारण नहीं किया गया है, जिससे स्कूलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने आरटीई की धारा 12(2) के तहत प्रतिपूर्ति राशि तय करने और इसे सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पारदर्शिता के अभाव में व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
निजी स्कूलों ने सरकार से स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की अपील की है। वहीं, इस आंदोलन के चलते आने वाले दिनों में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।




