
संवाददाता- दीपक गोटा
सेंट्रल जेल में बंद: सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत पर आदिवासी समाज और उनके परिवारजनों ने- जेल प्रशासन पर हत्या का लगया आरोप….
छत्तीसगढ़ के रायपुर सेंट्रल जेल में बंद सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष और कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत के बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है- परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है उनका कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही बरती गई और मौत की जानकारी भी समय पर नहीं दी गई
जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर 2025 को एक जमीन मामले में गिरफ्तार कर जिला जेल कांकेर में रखा गया था-परिजनों का आरोप है कि 2 दिसंबर को उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया- न तो स्थानांतरण की जानकारी दी गई और न ही स्वास्थ्य बिगड़ने या अस्पताल में भर्ती कराए जाने की कोई सूचना परिजनों को नहीं दी गई
जीवन ठाकुर (49) की 4 दिसंबर, 2025 की सुबह रायपुर सेंट्रल जेल परिसर में इलाज के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में मौत हो गई उन्हें दो दिन पहले ही कांकेर जिला जेल से रायपुर केंद्रीय जेल में शिफ्ट किया गया था
आक्रोशित परिवारजनों और समाज के प्रतिनिधियों ने थाना चारामा प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है- और समाज खुले तौर पर इस मामले में न्याय की मांग कर रहा है और प्रशासन पर दबाव बना रहा है- वे इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं-इस घटना के बाद कांकेर और आसपास के जिलों में तनाव की स्थिति बनी हुई है
परिवारजनों और आदिवासी समाज का कहना है कि
ठाकुर को परिवार वालों से मिलने नहीं दिया गया, जबकि वह लगातार बीमार थे- उन्हें समय पर सही इलाज नहीं मिला और जेल के अंदर प्रताड़ित किया गया-जेल प्रशासन ने महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई और यह मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या है- जीवन ठाकुर चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष थे और वन अधिकार पट्टा घोटाले के एक मामले में सजा काट रहे थे
इस मामले में रायपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक योगेश कुमार क्षत्री ने कहा कि बंदी जीवन ठाकुर की मौत मेकाहारा में इलाज के दौरान हुई है- कांकेर में बीमार होने पर इलाज के लिए ही यहां भेजा गया था- बंदी की मौत की नियमानुसार दंडाधिकारीय जांच होगी….




