
संवाददाता- दीपक गोटा
बड़ी आतंकी साजिश का हुआ भंडाफोड़ मेडिकल कॉलेज के लॉकर से एके-47 राइफल और अन्य समान बरामद -सफेद कोट के आड़ में बड़ी घटना को अंजाम देने की चल रही थी साजिश
जम्मू-कश्मीर- हरियाणा के फरीदाबाद में एक डॉक्टर के कमरे से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त किये गए- इस मामले में- डॉ आदिल अहमद और एक अन्य- डॉ मुज़म्मिल शकील की संलिप्तता सामने आई
फरीदाबाद के धौज इलाके में एक किराए के कमरे से पुलिस ने लगभग 300 से 350 किलोग्राम RDX/अमोनियम नाइट्रेट (विस्फोटक)- दो एके-47/एके-56 राइफल- दो ऑटोमैटिक पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस/गोला-बारूद बरामद किया गया है
84 कारतूस/गोला-बारूद, दो अतिरिक्त मैगजीन, 5 लीटर केमिकल- 20 टाइमर बैटरी- 24 रिमोट और बम बनाने की 48 अन्य सामग्री बरामद की
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के समर्थन में पोस्टर लगाने के आरोप में डॉ आदिल अहमद को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार करने के बाद की गई पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर हुई
पुलिस सूत्रों के अनुसार- यह एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था जिसका मकसद दिल्ली-एनसीआर (NCR) सहित देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले करना था
अन्य गिरफ्तारियां डॉ आदिल की गिरफ्तारी के बाद
पुलिस ने अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में उसके लॉकर से भी एक AK-47 राइफल बरामद की और इस मामले में एक और डॉक्टर- मुज़म्मिल शकील का नाम सामने आया है जिसके ठिकाने से फरीदाबाद में विस्फोटक मिला है मुज़म्मिल कथित तौर पर फरार है
सुरक्षा एजेंसियां इस व्हाइट कॉलर टेररिज्म मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं और जांच जारी है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बिना किसी रोक-टोक के फरीदाबाद तक कैसे पहुंचा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अब केवल पोस्टर लगाने का नहीं व्यक्तिगत संलिप्तता से कहीं बड़ा है शुरुआती जांच में यह साफ हो चुका है कि यह एक संगठित नेटवर्क था जो मेडिकल संस्थानों की आड़ में आतंकियों की मदद कर रहा था पुलिस ने बताया कि आने वाले 3-4 घंटों में इस मामले पर एक बड़ा खुलासा किया जाएगा- शुरूआती रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक तीन डॉक्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं और कुछ और नाम जांच के दायरे में हैं
GMC में नौकरी कर चुका है अदील राथर वही डॉक्टर हैं- जिसके नाम पर हाल ही में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ था जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग मेडिकल कॉलेज (GMC) में उसके निजी लॉकर से AK-47 राइफल बरामद किया गया था- पुलिस ने यह कार्रवाई जॉइंट इंटरोगेशन सेंटर (JIC) अनंतनाग की मदद से की और उस समय अदील राथर कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर कार्यरत था लेकिन उसने 24 अक्टूबर 2024 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था
जांच जुटे एजेंसियों का मानना है कि अदील और उसके सहयोगी डॉक्टर आतंकवादी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद के नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश में था- यह संगठन 2017 में हिजबुल मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर ज़ाकिर मूसा द्वारा गठित किया गया था और इसका उद्देश्य कश्मीर में शरिया कानून के तहत एक इस्लामिक राज्य की स्थापना तथा भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ना है
पिछले 3-5 दिनों से जम्मू-कश्मीर के पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार अन्य जगहों पर छापेमारी अभियान चला रही हैं एजेंसियों के अनुसार बताया जा रहा है कि लगभग 500 जगहों पर छापे मारे जा चुके हैं जिनमें 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार एवं हिरासत में लिया गया
इन सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके और फरीदाबाद से विस्फोटक मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को भी अलर्ट कर दी गई है
एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें भी इस जांच में शामिल हैं- बरामद हथियार और विस्फोटक को फॉरेंसिक टीमों ने जब्त कर लिया और जांच जारी है





