
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के बीच हंगामा मचा हुआ है. नक्सली नेता सोनू और उसके बाद 208 नक्सलियों के साथ रुपेश के आत्मसमर्पण ने उन दो वर्गों के बीच बहस तेज़ कर दी है, जो आत्मसमर्पण के ख़िलाफ़ हैं या आत्मसमर्पण के पक्ष में हैं.
सलाहकार – अंकुर तिवारी
नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने एक बयान जारी कर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को संशोधनवादी, गद्दार और धोखेबाज करार दिया है. हालांकि यह पहला अवसर नहीं है. हथियारबंद आंदोलन को विदा कहने वाले या पार्टी लाइन से अलग जा कर अपना विचार रखने वाले कानू सान्याल हों या सीतारमैय्या, हथियार के भरोसे क्रांति लाने का सपना देखने वाले नक्सलियों ने सबको गद्दार करार दिया.
नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के बयान के बाद आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली नेता रुपेश ने विस्तार से आत्मसमर्पण की पृष्ठभूमि बताई है और चौंकाने वाले राज खोले हैं.




