
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने विष्णु देवसाय जी ने की एक नई पहल मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान …..
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान 2025-26 के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए यह अभियान शुरू किया है, जिसके अंतर्गत शिक्षा प्रणाली का सामाजिक अंकेक्षण किया जा रहा है, स्कूलों की ग्रेडिंग हो रही है, और कमजोर स्कूलों के सुधार के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, और बच्चों में मूलभूत साक्षरता, संख्या ज्ञान और पठन कौशल को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अभियान के मुख्य उद्देश्य
विद्यार्थियों की उपलब्धियों, शिक्षक उपस्थिति, और विद्यालय के अन्य मापदंडों के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग की जाएगी।
कमजोर विद्यालय ( कम परीक्षा परिणाम) वाले विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा और उनकी गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
शिक्षकों का प्रशिक्षण – शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों, टेक्नोलॉजी के उपयोग और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान – राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों में बुनियादी साक्षरता (FLN) और बुनियादी संख्या ज्ञान की समझ विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा ।
अभियान के तहत किए जा रहे कार्य विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय को ध्यान में रखते हुए आकलन होगा।
सौ दिन सौ कहानियाँ” अभियान- बच्चों में पठन की आदत विकसित करने के लिए यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ावा देना और छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना ।
इस अभियान के तहत पालक-शिक्षक बैठकों (PTM) को केवल औपचारिकता न बनाकर, उन्हें संवाद और सहभागिता का माध्यम बनाया जाएगा।
स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा और शिक्षकों को निरंतर सुधार कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर सुधारः संकुल स्तर पर चयनित मेंटर स्थानीय स्थिति में सुधार लाने के लिए शिक्षकों के साथ मिलकर काम करेंगे।
“सौ दिन सौ कहानियाँ” अभियानः बच्चों में पठन की आदत विकसित करने के लिए यह अभियान चलाया जाएगा
शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों, टेक्नोलॉजी के उपयोग और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
मॉडल विद्यालयों का चयन अच्छे प्रदर्शन वाले मॉडल विद्यालयों का चयन कर, कमजोर विद्यालयों के शिक्षकों को उनका भ्रमण कराया जाएगा ताकि वे प्रेरणा ले सकें।




