महिला ने दिया सिंगल पैर वाले नवजात को जन्म डॉ है हैरान लोग बच्चे को जलपरी का नाम दे रहे है
28 वर्षीय गर्भवती महिला को 8 महीने मे ही लेबर पेन होने के कारण धमतरी जिला अस्पताल में लाया गया जिसके बाद महिला ने एक नवजात को जन्म दिया जिसने सबको हैरान कर दिया कोई इस बच्चे को जलपरी कह रहा है तो कोई ईश्वर की रचना असल में महिला ने एक पैर (सिंगल पैर) वाले नवजात शिशु को जन्म दिया है जिसके बाद खुद डॉ भी हैरान है बच्चे को देखकर डॉक्टर, नर्स सभी हैरान रह गए…क्योंकि 28 वर्षीय महिला ने जिस नवजात को जन्म दिया …उसक का एक ही पैर था….और दोनों पैर आपस में जुड़े हुए थे…और नवजात शिशु का जन्म के 3 घंटे बाद मृत्यु हो गया ।हालांकि इस अलग तरह के बच्चे के जन्म होने पर हर कोई हैरान है
लोग ने इस बच्चे को जल में रहने वाली, जलपरी का नाम दे दिया गया… जिला अस्पताल के डॉक्टर की माने तो यह ऐसा केश मरमेड सिंड्रोम या सिरेनोमेलिया के नाम से जाना जाता है जिसमें बच्चों के जन्म के बाद लिंग का पता नहीं चल पाता है ।और ऐसे बच्चे कुछ घंटे या कुछ दिन के लिए ही जीवित रह सकते हैं ऐसे बच्चों का शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता ।
इस प्रकार के असामान्य डिलीवरी बहुत कम होता है और ये ज्यादातर तभी होता है जब मां के द्वारा गर्भावस्था के दौरान कुछ अन्य दवाइयां के खाने या संपर्क में आने से यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है डॉक्टर की माने तो यह बच्चा 800 ग्राम का था.. जिसमें नवजात के ऊपरी हिस्से में आंख नाक सभी सामान्य थी लेकिन कमर से नीचे का हिस्सा जुड़ा हुआ था।
छत्तीसगढ़ में ऐसा मामला पहली बार देखने को मिला है लेकिन भारत में ऐसा दूसरा मामला बताया जा रहा है
धमतरी जिला अस्पताल का ये ऐसा पहला केश है लोग अभी भी बच्चे के जन्म से हैरान हैं ।




