आदिवासी युवती के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश दरिंदा पहले भी किसी असहाय लड़की का अपहरण कर बलात्कार जैसी घटना को अंजाम दे चुका है अब भी पुलिस के गिरफ्त से दूर
अबूझमाड़ की आदिवासी युवती के साथ 25 सितंबर की रात राजू बंगाली द्वारा दुष्कर्म करने की कोशिश जिसके बाद सर्व आदिवासी समाज आक्रोश में है
यह घटना अबूझमाड़ के फरसबेड़ा तहसील कोहकामेटा आदिवासी युवती का है जिन्होंने दिनांक 02/10/2025 को सर्वआदिववासी समाज जिला नारायणपुर को लिखित आवेदन दिया गया है जिसके कथनानुसार आदिवासी युवती के साथ अन्य ग्रामीण मौजूद थे जो कुतुल साप्ताहिक बाजार से राजू बंगाली की सवारी गाड़ी में बैठकर नारायणपुर आ रहे थे जिसमें कुछ लोगों को राजू बंगाली ने अबुझमाड़िया समाज भवन में उतार दिया और युवती ने सुभाष चौक के आस-पास उतारने के लिए कहा लेकिन राजू बंगाली उसे कभी होटल के पास तो कभी जय स्तम्भ चौक के पास उतारने की बात करता बाद में गाड़ी में डीजल डालने के बहाने से पेट्रोल पम्प ले गया डीजल डालने के बाद गाड़ी के दरवाजे को लॉक किया और 80-90 के स्पीड से गाड़ी रावघाट की ओर ले गया।
बार-बार लड़की के मुंह को दबाकर उसे अपने दोस्तों द्वारा बलात्कार करने की धमकी दी। राजू बंगाली ने साथ में ये भी कहा कि उसने पहले भी किसी लड़के का अपहरण और बलात्कार कर उसे जान से मार दिया था जिसकी किसी को कानों कान भनक तक नहीं लगी । उसके धमकी से डर कर युवती गाड़ी में बैठ तो गई मगर रावघाट के पास अंधेला देख कर वह गाड़ी के दरवाजे से कूद कर भागने लगी लेकिन राजू बंगाली दौड़कर उसे पकड़ लेता है और इसी बीच में लड़की के पिता का कॉल आ जाता है ज्योति जैसे तैसे फोन उठाती है और उन्हें घटना के संबंध में जानकारी देती है ऐसी बीच राजू बंगाली और ज्योति के पिता के बीच फोन पर संवाद होता है जिसके बाद वह युवती को तुरंत 25- 30 मिनट के अंदर उसे नारायणपुर छोड़ देता है ।इस घटना के बाद लड़की ने नारायणपुर थाना में शिकायत दर्ज करवाई है लेकिन उस पर कोई भी कारवाही अभी तक नहीं हुई है जिस पर सर्वआदिववासी समाज का कहना है कि समाज ऐसे घिनौने एंव विभत्स घटनाओं को अंजाम देने वाले दरिदों व असामाजिक तत्वों को कभी बर्दास्त नहीं करेगा ।
लड़कियों के साथ अपहरण कर बलात्कार के इरादा रखने वाले राजू बंगाली एंव उनके साथ दरिंदों पर अपहरण, बलात्कार कर हत्या का प्रयास सहित एसटी, एससी एक्ट धारा कि तहत एफ आई आर कर अतिशीघ्र कार्यवाही हो और यदि कार्यवाही न करने की स्थिति में आदिवासी समाज उग्र आन्दोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही प्रशासन की होगी ।
अबूझमाड़ के आदिवासी युवती के साथ इस प्रकार की घटना के बाद आदिवासी समाज आक्रोश में है और सीधे आरोपी पर एक्शन लेनी की बात कर रही है और इस मामले में कारवाही आगे न बढ़ने पर वह उग्र आंदोलन करेंगे ।





