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Chhattisgarh: बस्तर अंचल के न्यायाधिपति पाठदेव गांव की समस्याओं का निराकरण करने पुलिस बल के साथ पहुंचे है जो लगभग 700 सालों से बस्तर में पूजे जाते हैं।

बस्तर अंचल के न्यायाधिपति पाठदेव गांव की समस्याओं का निराकरण करने पुलिस बल के साथ पहुंचे है जो लगभग 700 सालों से बस्तर में पूजे जाते हैं।

 

 

 

मान्यताओं के अनुसार लोकचर्चित पाटदेव का जन्म नारायणपुर के टिमनार गांव में हुआ है, आज भी टिमनार गांव में पाटदेव का विशाल मंदिर स्थापित है।

 

आज पाटदेव की ख्याति पूरे बस्तर अंचल में है, पाटदेव वर्ष भर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के मावली माता मंदिर परिसर में विराजमान रहते हैं, लेकिन गायता पुजारी के बुलावे पर पाटदेव बस्तर के भिन्न भिन्न गांवों में, बाकायदा पुलिस बल के साथ जाकर ग्रामीणों की समस्याएं दूर करते हैं।

 

आपको बता दे पाठदेव को बस्तर का न्यायाधिपति कहा जाता है। 20 फीट लंबे विशाल नाग के रूप में प्रकट हुए इस देव का प्रादुर्भाव नारायणपुर जिले के टिमनार गांव में हुआ था, और यह देव बस्तर अंचल में लगभग 700 वर्षों से पूजे जा रहे हैं। आज भी बस्तर के ग्रामीण अपने गांव की समस्याओं के निराकरण के लिए पाटदेव को फैसला करने बुलाते हैं, पाटदेव ढाई सौ वर्षों से जगदलपुर के मावली माता मंदिर में विराजमान है ।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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