
भारतीय किसान संघ का हल्ला बोल, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन। किसान है अब बेहद परेशान ।
किसानों की बढ़ती परेशानियों को लेकर भारतीय किसान संघ अब आर-पार के मूड में है।आज भारतीय किसान संघ के बैनर तले प्रदेश भर के सभी तहसीलो मे किसानो ने मुख्यमंत्री के नाम विभिन्न समस्या जैसे खाद, बिजली , पानी, धान खरीदी, समर्थन मूल्य मे बढ़ोत्तरी, दलहन तिलहन मे अनुदान, कृषक उन्नति योजना आदि को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौपा।
किसान संघ कार्यकर्ताओं ने जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को इन दिनों खाद की भारी कमी और कालाबाजारी का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं हो रही है, वहीं दूसरी ओर यही खाद निजी दुकानदार दुगुने-तिगुने दाम पर बेच रहे हैं। इससे साफ है कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के यह खेल संभव नहीं है। बावजूद इसके अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे सरकार की किसान-हितैषी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
वही किसानों की पिछली चौथी किस्त का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जबकि इसका वादा खुद सरकार ने किया था। सरकार बने लगभग दो साल होने को हैं लेकिन किसानों को अभी तक यह राशि नहीं मिली। संघ की मांग है कि यह भुगतान दीपावली से पहले हर हाल में किया जाए।
धान के समर्थन मूल्य को लेकर भी किसानों ने नाराज़गी जताई। केंद्र सरकार द्वारा प्रतिवर्ष बढ़ोतरी की जाती है, लेकिन राज्य सरकार इसका लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों तक नहीं पहुँचा रही है। संघ ने चेतावनी दी है कि आगामी खरीदी में किसानों को इसका लाभ मिलना ही चाहिए।धान खरीदी के दौरान समितियो मे प्रबंधको और कर्मचारियों के दौरान किसानो से तौल मे तय मात्रा से ज्यादा धान लेकर लुटा जाता है इस पर संघ की मांग है सभी समितियों मे 40 किलो 700 ग्राम तौल का बैनर लगाया जाए और इससे अधिक लेने पर प्रबंधक पर अपराध दर्ज किया जाए।
धान के अलावा अन्य फसल जैसे दलहन एवं तिलहन की खेती करने वाले किसानो को 20 हजार रु अनुदान दिया जाए साथ ही रबी मे सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का एवं सूरजमुखी की खरीदी प्रारम्भ किया जाए। कृषक उन्नति योजना मे गन्ना फसल को भी जोड़ा जाए। जैविक खेती मे जो अनुदान भारत सरकार देती है उसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानो को दिया जाए।साथ ही प्रदेश मे सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए तथा नहरो का पानी अंतिम गाँव तक पहुंचे ऐसी व्यवस्था बने।
बिजली कटौती की समस्या से किसान त्रस्त हैं असमय बिजली की आँख मिचौली से सिंचाई कार्य पर सीधा असर पड़ रहा है।सरकार ने इसे दरुस्त करने के बजाय घरेलू बिजली को और महंगा कर दिया है। सरकार द्वारा घरेलू हाफ बिजली बील को समाप्त कर दिया है जिस कारण किसानों को बिजली बिल दोगुना आना प्रारंभ हो गया है। किसान संघ ने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
किसानों ने एग्रीटेक पोर्टल में हो रही गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाए हैं। पंजीयन कराने के बाद भी पोर्टल पर जानकारी प्रदर्शित नहीं होती, जिससे धान बिक्री प्रभावित हो सकती है। संघ ने पोर्टल को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग रखी है।
18 सितम्बर को प्रदेश के सभी तहसीलों में एक साथ ज्ञापन सौंपकर किसानो ने अपनी एकजुटता की ताकत सरकार को दिखाई।भारतीय किसान संघ का स्पष्ट कहना है कि यदि इन मांगों पर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आनेवाले दिनों मे किसान औरभी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जिसकी तैयारी आज से ही शुरू की जाएगी।
ज्ञापन के दौरान नारायणपुर तहसील मे भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष निलकंट नाग, उपाध्यक्ष सुरेंद्र नाग, जिलामंत्री देवलाल दुग्गा, युवा प्रमुख भोलाराम यादव, तहसील के अध्यक्ष पवन सेठिया उपाध्यक्ष सुकमू कंरगा एवं किसान संघ के कार्यकर्ता व किसान अधिक संख्या मे उपस्थित रहे।




