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Chhattisgarh: नारायणपुर में 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 2025 में अब तक 177 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

नारायणपुर में 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 2025 में अब तक 177 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

नारायणपुर। माड़ बचाओ अभियान के तहत सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव और समझाइश के चलते मंगलवार को जिले में 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में दो एरिया कमेटी सदस्य, एओएस सीएनएम अध्यक्ष, पीपीसीएम पदाधिकारी, जनताना सरकार अध्यक्ष, मिलिट्री प्लाटून पीपीसीएम, पार्टी सदस्य, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार के सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 18 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया (भा.पु.से.) के समक्ष हुए इस आत्मसमर्पण कार्यक्रम में आईटीबीपी की 53वीं, 38वीं और 45वीं वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकगण, उप पुलिस अधीक्षक तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपा गया। साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास एवं नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप

पुलिस के मुताबिक़, इंट्रोगेशन के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों ने खुलासा किया कि माओवादी संगठन का शीर्ष नेतृत्व ही आदिवासियों का असली शत्रु है। उन्होंने बताया कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा समानता और न्याय जैसे झूठे सपने दिखाकर स्थानीय युवाओं को गुमराह किया जाता है। महिला नक्सलियों के शोषण का मुद्दा भी उठाया गया। पुलिस ने कहा कि आत्मसमर्पित कैडरों ने बताया कि संगठन में महिलाओं का जीवन नरक बन चुका है और उनसे व्यक्तिगत दासी जैसा व्यवहार किया जाता है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूची

आत्मसमर्पण करने वालों में प्रमुख नाम शामिल हैं –
• मुदरेन नेताम उर्फ सुधाकर (पूर्व एरिया कमेटी सदस्य, इनाम 5 लाख)
• धोवा सलाम उर्फ महेश सलाम (पूर्व एरिया कमेटी सदस्य, इनाम 5 लाख)
• सतारो सलाम (एओएस सीएनएम अध्यक्ष, इनाम 2 लाख)
• लक्ष्मण माड़वी (मिलिट्री प्लाटून पीपीसीएम, इनाम 2 लाख)
• अन्य कैडरों पर 1 लाख से 50 हजार रुपये तक का इनाम घोषित था।

अबूझमाड़ में बदलती स्थिति

पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया ने कहा कि अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों और विकट भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से मुक्त कराना पुलिस का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने माओवादी कैडरों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ें और समाज में शांति व विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनें।

पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) ने बताया कि वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों ने माओवादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को भारी क्षति पहुँचाई है। उनके अनुसार अब माओवादियों के पास हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

वर्ष 2025 में बढ़ते आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पण की यह नवीनतम घटना इस वर्ष की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। वर्ष 2025 में अब तक कुल 177 नक्सली और उनके सहयोगी विभिन्न स्तरों पर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। सुरक्षा बलों का मानना है कि लगातार कैंपों की स्थापना, पुलिस की बढ़ती मौजूदगी और संगठन के अंदरूनी शोषण से तंग आकर नक्सली मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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