
सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप 16 माओवादी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण।
नक्सलियों के सैफ हाऊस लंका और डूंगा जैसे घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से माओवादी कर रहे हैं आत्मसमर्पण । जनताना सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित 16 माओवादियों ने समाज की मुख्य धारा में जुड़ने की ली शपथ।
वर्ष 2025 में कुल 164 बड़े/छोटे कैडर के माओवादियों ने किये आत्मसमर्पण। आत्मसमर्पित माओवादियों को प्रोत्साहन राशि 50 हजार का चेक किया गया प्रदाय और उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाया जायेगा। सरेण्डर नक्सलियों ने इंट्रोगेशन में किया खुलासा – शीर्ष कैड़र के माओवादी लीडर्स आदिवासियों के सबसे बड़े और असली दुश्मन, समानता और न्याय के झूठे सपने दिखाकर बस्तर के लोगों बनाते हैं गुलाम नक्सल उन्मुलन अभियान और अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर आज दिनांक 10-09-2025 को श्री रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के समक्ष जनताना सरकार सदस्य (सीएनएम अध्यक्ष), पंचायत मिलिसिया डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित 17 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। हालांकि इन माओवादियों का पद ओहदे में छोटा होता है किन्तु ये नक्सलवाद को पोषित करने और बनाए रखने के लिए अहम किरदार निभाते हैं ये माओवादी लड़ाकू माओवादी नक्सलियों के लिए राशन और मेडिसन जैसे मूलभूत सामग्री उपलब्ध कराने का काम अवैतनिक तरीके से करते हैं तथा कतिपय मामलों में नक्सलियों के हथियार और सामग्रियों का परिवहन करते हैं तथा आईईडी लगाने, फोर्स मूवमेंट कि सूचना देने और फोर्स की रेकी करने जैसे कार्य प्रमुखता से करते हैं। स्पष्ट शब्दों में कहें तो ये नक्सलियों के लिए स्लीपर सेल की तरह भी काम करते हैं। आत्मसमर्पित माओवादी नक्सली ने इंट्रोगेशन के दौरान खुलासा किया कि ‘‘शीर्ष कैड़र के माओवादी लीडर्स आदिवासियों के सबसे बड़े और असली दुश्मन हैं, वो आदिवासियों के सामने उनके जल, जंगल और जमीन की रक्षा, समानता का अधिकार और न्याय दिलाने, जैसे दर्जनों झूठे सपने दिखाकर बस्तर के लोगों गुलाम बनाते हैं। नक्सली संगठन में स्थानीय मूल के नक्सलियों का बहुत शोषण होता है इससे इनकार नहीं कर सकते किन्तु महिला नक्सलियों का तो जीवन ही नर्क बन चूकी है। महिला नक्सलियों का शारीरिक और मानसिक दोनो तरीके से भरपूर शोषण होता है। शहरों और विदेशों में बसाने के सपने दिखाकर अधिकतर नक्सली लीडर्स इनके साथ व्यक्तिगत दासी की तरह व्यवहार करते हैं।”
आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी नक्सलियों को अच्छी जिंदगी जीने के लिये 50-50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया। आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाया जायेगा।
आत्मसमर्पित के नाम और पद –
(1) लच्छू पोड़ियाम उर्फ मानू पिता स्व0 मुंगडू उम्र 44 वर्ष जाति मुरिया , निवासी+पंचायत डुंगा थाना ओरछा जिला नारायणपुर डुंगा जनताना सरकार सदस्य (2) केसा पिता स्व0 फागू कुंजाम उम्र 38 वर्ष जाति माडिया निवासी बेडमा पंचायत डुंगा थाना ओरछा जिला नारायणपुर डुंगा पंचायत मिलिशिया सदस्य (3) मुन्ना हेमला पिता लखमू उम्र 40 वर्ष जाति मुरिया निवासी बेडमा पंचायत डुंगा थाना ओरछा जिला नारायणपुर डुंगा पंचायत सरकार सदस्य (4) वंजा मोहंदा पिता पाण्डू उम्र 40 वर्ष जाति माड़िया निवासी + पंचायत लंका / भामरापारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत जनताना पूर्व सरकार अध्यक्ष वर्तमान जनताना सरकार सदस्य (5) जुरू पल्लो पिता टोक्का उम्र 36 वर्ष जाति माड़िया निवासी + पंचायत लंका / घोटूलपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य (6) मासू मोहंदा पिता वंजा उम्र 43 वर्ष जाति माड़िया
निवासी + पंचायत लंका / नदीपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य
(7) लालू पोयाम पिता लखमा उम्र 35 वर्ष जाति माड़िया
निवासी + पंचायत लंका / घोटूलपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य न्याय शाखा अध्यक्ष (8) रैनू मोहंदा पिता गोर्रा उम्र 32 वर्ष जाति माड़िया निवासी + पंचायत लंका / घोटूलपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य /आर्थिक शाखा अध्यक्ष (9) जुरूराम मोहंदा पिता कोरंगे उम्र 33 वर्ष जाति माड़िया निवासी + पंचायत लंका / नदीपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत मिलिशिया कमाण्डर (10) बुधराम मोहंदा पिता कोहला उम्र 29 वर्ष जाति माड़िया निवासी + पंचायत लंका / नदीपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत मिलिशिया डिप्टी कमाण्डर
(11) चिन्ना मंजी पिता पकरी उम्र 34 वर्ष जाति माड़िया
निवासी +पंचायत लंका / भोमरापारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य (12) कुम्मा मंजी पिता मासा उम्र 30 वर्ष जाति माड़िया निवासी +पंचायत लंका / घोटूलपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर
लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य (13) बोदी मोहंदा पिता धोबा उम्र 30 वर्ष जाति माड़िया निवासी + पंचायत लंका / घोटूलपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
(14) बिरजू मोहंदा पिता चैतू उम्र 38 वर्ष जाति माड़िया
निवासी + पंचायत लंका / नदीपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
(15) बुधु मज्जी पिता मासा उम्र 33 वर्ष जाति माड़िया
निवासी + पंचायत लंका / घोटूलपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
(16) कोसा मोहंदा पिता बुरता उम्र 29 वर्ष जाति माड़िया
निवासी + पंचायत लंका / घोटूलपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य ।एसपी नारायणपुर श्री रोबिनसन गुरिया (भा.पु.से.) ने कहा कि- अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतो के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके।
पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) ने कहा कि- वर्ष 2025 में माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षा बलो के द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है। प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादियों संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है। अतः माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ें।




