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Chhattisgarh: युक्तियुक्तकरण से शैक्षणिक माहौल हुआ बेहतर सुधार

युक्तियुक्तकरण से शैक्षणिक माहौल हुआ बेहतर सुधार

जिले के 14 प्राथमिक और 15 पूर्व माध्यमिक शिक्षकविहीन स्कूलों में पदस्थ किये गए शिक्षक

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*अब अबुझमाड़ क्षेत्र के विद्यालय के विद्यार्थियों को भी मिलेगी गुणवत्तायुक्त शिक्षा*

*नारायणपुर और ओरछा ब्लॉक के दूरस्थ विद्यालयो में बदल रही है शिक्षा की तस्वीर*

नारायणपुर 09 सितंबर 2025// राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत नारायणपुर जिले में अतिशेष शिक्षको के काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही जिले के दुर्गम एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों को नए शिक्षक मिल गए, वहीं इन क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी गुणवत्तायुक्त शिक्षा की गारण्टी सुनिश्चित हो गई है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन में जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई काउंसिलिंग प्रक्रिया के पश्चात् नारायणपुर और ओरछा विकासखण्ड के दुर्गम क्षेत्रों के अनेक विद्यालयों के बच्चों को सीधा लाभ मिल रहा है।
जिले के 15 शिक्षकविहीन विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मुरूमवाड़ा, प्राथमिक शाला जड्डा, धोबिनपारा, हिरंगई, ईकरभट्टी, तोयामेटा, गट्टाकाल, कस्तुरमेटा, मोहनार, गुमियाबेड़ा, ताड़ोबेड़ा, नेलांगुर, पुसालामा और पदमेटा जैसे दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में अब पर्याप्त शिक्षक युक्तियुक्तकरण से पदस्थ किया गया है। शासन के दिशा निर्देशों के तहत जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षको की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लगातार दो दिनों तक चले इस प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकविहीन विद्यालय और शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया गया है। सर्वप्रथम माध्यमिक शाला में अतिशेष प्रधानपाठकों और सहायक शिक्षको की काउंसलिंग 03 जून को की गई। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल ने जानकारी दी है कि नारायणपुर जिले में 132 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। हायर सेकेंडरी स्कूल में व्याख्याता 01, पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षक 49, प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक 10, प्राथमिक शाला में 72 सहायक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। जिले में 14 प्राथमिक शाला शिक्षक विहीन थे, जिसमें शिक्षकों का नई पदस्थापना की गई है। प्राथमिक शाला एकल शिक्षक 108 और माध्यमिक शाला एकल शिक्षक 05 में भी शिक्षकों की नई पदस्थापना करने से शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक पदस्थ किया गया है। उच्च प्राथमिक शाला जबगुण्डा, थुलथुली, रोहताड़, गोमागाल, कोंगे, आदेर, तोयनार, रेकावाया, लंका, जाटलूर, काकावाड़ा, छोटेटोण्डाबेड़ा, दुटाखार, पुंगारपाल, गारपा, पुसवालपारा, हितवाड़ा, कोडोनार, कन्या आश्रम शाला डुंगा, नेलांगुर, बालक आश्रम टाहकावाड़ा, प्राथमिक शाला आलवाड़ा, घोट और मरकाबेड़ा में शिक्षकों की कमी को युक्तियुक्तकरण के तहत् शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। नए शिक्षा सत्र 2025 से जिले के सभी स्कूलों में शिक्षकों की पूर्ति के साथ स्कूल प्रारंभ हो गया है।
शिक्षकों और पालकों को मिलेगी बड़ी राहत
अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण का लाभ दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलने के साथ ही अनेक शिक्षकों के लिए भी लाभदायक साबित होगा। कुछ विद्यालय में शिक्षक नहीं होने से आसपास के किसी विद्यालय के शिक्षक को संलग्न कर अध्यापन के लिए भेजा जाता था। उनके ऊपर अधिक संख्या में मौजूद बच्चों को पढ़ाने की पूरी जिम्मेदारी के साथ ही अन्य कार्यों की जिम्मेदारी भी रहती थी। शिक्षक नहीं होने या कम शिक्षक होने से बच्चों के पालक भी परेशान होते थे। अब शिक्षको और पालकों को इसका लाभ मिलेगा।

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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