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छत्तीसगढ़

CG: लोक जन सुनवाई में प्रभावित सात ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने कंपनी द्वारा खनन क्षमता बढ़ाने की मांग को सिरे से नकार दिया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे इसका विरोध करते रहेंगे।

आमदाई माइंस की लोक सुनव-

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नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में आमदाई माइंस मेसर्स जायसवाल निको इण्डस्ट्रीज लिमिटेड आयरन ओर माईन के विस्तार के लिए आयोजित लोक जन सुनवाई में प्रभावित सात ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने कंपनी द्वारा खनन क्षमता बढ़ाने की मांग को सिरे से नकार दिया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे इसका विरोध करते रहेंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने पिछली बार जन सुनवाई में सातों ग्राम पंचायत में विकास के कार्य, मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ हर गांव के युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन पिछले चार सालों से खनन कर अरबों रुपए का लौह अयस्क लेकर गए, लेकिन यहां के लोगों को कोई सुविधा नहीं दी गई। खनन इलाके के आसपास के गांव की हालत काफी दयनीय है अब माइंस का लाल पानी खेतों में आने से खेत की उपजाऊ क्षमता खत्म हो जाएगी वहीं लाल पानी के कारण आमदाई माइंस के समीप बहने वाली माड़ीन नदी पर भी असर बढ़ेगा जिससे जीव जंतु के साथ ही आदमी भी प्रभावित होगा । जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि सात ग्राम पंचायतों ने बैठक में निको माइंस की खनन क्षमता बढ़ाने की मांग का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जब से माइंस की शुरुआत हुई है, आमजन समस्याओं से ग्रसित हो गया है। नारायणपुर से ओरछा मार्ग जर्जर होने से नारायणपुर जाने में आए दिन दुर्घटना होती रहती है। कई गर्भवती महिलाओं की जर्जर सड़क के चलते मौत भी हो चुकी है। सभी ग्रामीणों ने मांग की है कि कंपनी को पहले उनके क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए, जैसे कि सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं। इसके अलावा, कंपनी को स्थानीय युवाओं को रोजगार देना चाहिए और क्षेत्र के विकास के लिए काम करना चाहिए। वी.ओ.01 नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में आमदाई माइंस मेसर्स जायसवाल निको इण्डस्ट्रीज लिमिटेड आयरन ओर माईन (मुख्य खनिज) उत्खनन क्षमता-2.95 मिलियन टन प्रतिवर्ष से 6.0 मिलियन टन प्रतिवर्ष एवं आयरन ओर बेनिफिसियेशन प्लांट क्षमता-1.0 मिलियन टन प्रतिवर्ष से 2.0 मिलियन टन प्रतिवर्ष के पर्यावरणीय स्वीकृति के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल में लोक जन सुनवाई का आयोजन किया गया था जिसमें प्रभावित सात ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में माइंस प्रबन्धन का जमकर विरोध किया और कंपनी द्वारा खनन क्षमता बढ़ाने की मांग को सिरे से नकार दिया । ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी ने पिछली बार जन सुनवाई में सातों ग्राम पंचायत में विकास के कार्य , मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ हर गांव के युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी लेकिन पिछले चार सालों से खनन कर अरबों रुपए का लौह अयस्क लेकर गए लेकिन यहां के लोगों को कोई सुविधा नहीं दी गई है हम पूरे गांव वाले इनका पूरा विरोध करते है । जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि सात ग्राम पंचायतों ने बैठक में निको माइंस की खनन क्षमता बढ़ाने की मांग का विरोध किया है और कहा कि जब से माइंस की शुरुवात हुई है आमजन समस्याओं से ग्रसित हो गया है नारायणपुर से ओरछा मार्ग जर्जर होने से नारायणपुर जाने में आए दिन दुर्घटना होती रहती है कई गर्भवती महिलाओं की जर्जर सड़क के चलते मौत भी हो चुकी है । जन सुनवाई के दौरान किसानों ने कहा कि माइंस के लाल पानी से खेतों को नुकसान होगा और खेत की उपजाऊ क्षमता खत्म हो जाएगी हम सभी ग्रामीण खेती पर है आधारित जीवन जीते हैं खेत से ही हमारा भरण पोषण होता है अगर खेत की ऊर्जा क्षमता खत्म हो जाएगी तो हम कहां जाएंगे इसलिए माइंस की क्षमता को नहीं बढ़ने देना चाहिए जब तक हम लोगों का विकास नहीं होगा माइंस की खनन क्षमता नहीं बढ़ने देंगे । बाइट 01 राकेश उसेंडी, जिला पंचायत सदस्य बाइट 02 ग्रामीण बाइट 03 ग्रामीण बाइट 04 ग्रामीण बाइट 05 ग्रामीण बाइट 06 ग्रामीण महिला

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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