मुस्लिम सिर्फ चुनाव के वक्त काम आते हैं : शेख महमूद अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष। छह मुस्लिम परिवार सहित 39 लोगों ने थामा भाजपा का दामन

छह मुस्लिम परिवार ने थामा भाजपा का दामन
MLA पर टिप्पणी करने के बाद मांगी थी माफी,फिर पुलिसिया रौब से परिवार हुआ आहत
39 लोगों के द्वारा भाजपा की सदस्यता लेने से कांग्रेस को होगा नुकसान

नारायणपुर के MLA चंदन कश्यप पर अशोभनीय टिप्पणी करने के बाद माफी मांगने वाले मुस्लिम युवक के खिलाफ पुलिस थाने में मामला बनाये जाने और परिवार के सदस्यों को पुलिसिया रौब दिखाए जाने से मुस्लिम समाज के छह परिवार के 39 लोगों ने भाजपा का दामन थामकर कांग्रेसी नेताओं को सबक सिखाने की बात कही है। भाजपा की सदस्यता लेने वाले मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा है कि भरण्डा के जंगल में मुठभेड़ के दौरान युवक की मौत हो जाने की घटना के बीच विधायक चंदन कश्यप के द्वारा शहर में घूमकर जन्मदिन मनाया गया और पीड़ित परिवार से मिलने की जरूरत भी नहीं समझा गया। इसे लेकर फेसबुक में आलोचना सभी लोग कर रहे थे इसी दौरान पीड़ित परिवार के दर्द को समझकर भावनाओं में आकर रियाज कुरैशी ने टिप्पणी कर दिया। जिसे लेकर जब रियाज से उनकी भाषाशैली को लेकर एतराज जताया गया तो उन्होंने सभी लोगों से माफी मांगते हुए वह कमेंट्स डिलीट कर दिया। मामला सुलझ जाने के बाद कांग्रेस के कुछ तथाकथित बड़े नेताओं के द्वारा सत्ता का नशा दिखाते हुए पुलिस पर दबाव बनाया गया। जिसके बाद पुलिस के द्वारा युवक के घर में दबिश दी गई और उनके भाई को थाने में बुलाया गया। पुलिसिया दखल बढ़ने के बाद रियाज कुरैशी को थाने में बिठाकर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान भाजपा नेता थाने में आए और बिना आवेदन युवक को थाने में बिठाने का आरोप लगाने लगे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने कांग्रेसी नेताओं को एफआईआर कराने के लिए थाने बुलाया। जिसके बाद एक वाहन में सवार होकर कांग्रेसी नेता थाने पहुँचे और आवेदन देकर वहाँ कथन दर्ज कराया। इस दौरान थाने के बाहर धरने में बैठे भाजपाई जुआ,सट्टा और शराब को लेकर लामबंद हो गए। भाजपाइयों के द्वारा सामाजिक बुराइयों के खिलाफ हल्ला बोलने के बाद पुलिस की उलझन बढ़ने लगी। थाने के सामने तीन घंटे की हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद कोतवाली पुलिस रियाज का बयान लेकर उसे रिहा कर दिया। इस मामले के बाद मुस्लिम समाज के छह परिवार के 39 सदस्य बहुत आहत हुए है। जिसके बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली है।
कांग्रेस के नेताओं का नजरिया बदल गया-फिरोज
सत्ता में आते ही कांग्रेसी नेताओं का मुस्लिम समाज के प्रति नजरिया बदल गया है। पार्टी के कुछ लोग अपने आप को सबसे बड़ा नेता मानने लगे हैं। चुनाव के दौरान जो वादे किए गए थे उसे पूरा करने में विधायक और नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नाकाम रहे हैं। मुस्लिम समाज का अध्यक्ष होने के नाते मैं अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा था इस वजह से मैंने कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश संयोजक के पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद भाजपा की सदस्यता ली है। कांग्रेस के कुछ नेताओं की वजह से मुस्लिम वोटरों में सेंध लग रही है। रियाज कुरैशी के परिवार को प्रताड़ित कर कांग्रेस के नेताओ ने असली चेहरा दिखा दिया है। इस वजह से 39 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली है।
मुस्लिम सिर्फ चुनाव के दौरान ही याद आते हैं- महमूद
कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष शेख महमूद भी कांग्रेस की वर्तमान राजनीति से खफा चल रहे हैं। उनका कहना है कि संगठन के नेता होने के नाते उन्हें पार्टी में तवज्जो मिलनी थी लेकिन मान सम्मान पार्टी से नहीं मिलता है। चुनाव के दौरान मुस्लिम वोटरों को रिझाने के लिए ही हमारा उपयोग करते हैं। मुस्लिम सिर्फ चुनाव के दौरान ही वोट बैंक के रूप में नजर आते हैं। ऐसा ही रहा तो आगामी चुनाव में कांग्रेस को बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। प्रदेश के नेताओं को इस विषय को लेकर अवगत करा दिया गया है। 15 वर्षों तक संघर्ष करने वाले मुस्लिम समाज के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के नेता भूल बैठे हैं। कुछ कांग्रेसी नेताओं की उपेक्षा के चलते छह परिवार के लोग भाजपा गए हैं। इससे कांग्रेस को नुकसान होगा। यह परिवार शुरू से ही कांग्रेस के पक्ष में मतदान करते आए हैं।,,,,



