
दंडकारण्य दर्पण
कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने मैदान में उतरी नारायणपुर पुलिस
दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन का व्यापक अभ्यास, डीआरजी, जिला बल और नगर सैनिक के जवानों ने लिया प्रशिक्षण
नारायणपुर। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी के तहत बुधवार को जिला मुख्यालय में डीआरजी, जिला बल और नगर सैनिक के जवानों का व्यापक बलवा (रायट कंट्रोल) प्रशिक्षण आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जवानों को दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को ऐसी परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार करना था, जहां कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम नागरिकों और शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी हो। जवानों को अलग-अलग टीमों में बांटकर लाठी पार्टी, आँसू गैस पार्टी, क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी), इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम, वायरलेस संचार व्यवस्था, घायलों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार से जुड़ी प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया।
इस दौरान पुलिस बल को दंगा नियंत्रण की विभिन्न फॉर्मेशन, भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति, न्यूनतम आवश्यक बल के विधिसम्मत उपयोग तथा हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, शील्ड, लाठी और आँसू गैस जैसे सुरक्षा उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न संभावित परिस्थितियों पर आधारित मॉक ड्रिल के माध्यम से जवानों की त्वरित निर्णय क्षमता, अनुशासन, नेतृत्व और आपसी समन्वय का भी परीक्षण किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने जवानों को निर्देशित किया कि किसी भी कानून व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण स्थिति में संयम, अनुशासन और संवेदनशीलता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर पेशेवर तरीके से की जानी चाहिए।
प्रशिक्षण का निरीक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय सबद्रा, अजय कुमार और ऐश्वर्य चंद्राकर, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अजय सिंह, उप पुलिस अधीक्षक परवेज़ कुरैशी, आशीष नेताम, अमृता पैंकरा, रक्षित निरीक्षक मोहसिन खान तथा सोनू वर्मा ने किया। अधिकारियों ने जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और विभिन्न बलवा नियंत्रण अभ्यासों का संचालन कराया।
नारायणपुर पुलिस का कहना है कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं, ताकि पुलिस बल किसी भी संवेदनशील, आकस्मिक या कानून व्यवस्था संबंधी चुनौती का प्रभावी, समन्वित और विधिसम्मत तरीके से सामना कर जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रख सके।




