
औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, 8.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में अग्र महाकुंभ 2026 का किया शुभारंभ, सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने की तैयारी
स्टार्टअप और निपुण मिशन के लिए पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी पर जोर
रायपुर, 19 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय अग्र महाकुंभ 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, सेवा, परोपकार और सामाजिक सहभागिता की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रवाल समाज ने व्यापार और व्यवसाय के साथ उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। महाराजा अग्रसेन के आदर्शों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है जब प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले और सक्षम लोग जरूरतमंदों का सहयोग करें।
सेवा और परोपकार की परंपरा को बताया समाज की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल व्यापार और उद्यमिता तक सीमित नहीं है। अर्थोपार्जन के साथ परमार्थ और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी समाज की विशेष पहचान रही है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य शिविर, धर्मशालाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थाएं तथा अन्य जनसेवा गतिविधियां इसका उदाहरण हैं।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान समाज द्वारा किए गए सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने, मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की सहायता करने में समाज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिला शक्ति और युवाओं की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता साबित कर रही हैं।
उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नए विचारों और उद्यमों के माध्यम से स्वयं आगे बढ़ने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करने चाहिए।
8.23 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य की औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के धरातल पर आने से औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।
स्टार्टअप और कौशल विकास के लिए 500 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है। इससे युवाओं को नई तकनीक, कौशल, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
निर्यात को बढ़ावा देने नई नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य छोटे उद्योगों, स्थानीय उत्पादों और मूल्य संवर्धित कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को देश और दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ना है।
उन्होंने सरगुजा क्षेत्र में पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, होम स्टे और पर्यटन सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में निवेश तथा रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
अनुभवी उद्यमियों से युवाओं को मार्गदर्शन देने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से प्रदेश में उपलब्ध आर्थिक संभावनाओं से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बड़े और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ में स्वास्थ्य और योग जैसे विषयों को शामिल किए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यापार और कामकाज की व्यस्तता के बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान
मुख्यमंत्री ने दशम अग्र अलंकरण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सम्मानित होने वाली सभी प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान नई पीढ़ी को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल सभा अंबिकापुर, सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा सहित आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने ट्रेड फेयर का किया शुभारंभ
अग्र महाकुंभ के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए ट्रेड फेयर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और उद्यमियों से उनके उत्पादों तथा गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अग्रकुल दर्शन पत्रिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, बसना विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल, कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित देशभर से अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी, समाजसेवी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समृद्धि का अर्थ समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ाना
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि अग्र महाकुंभ सामूहिक चेतना, संगठन शक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और भविष्य की दिशा पर विचार करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने जिस सामाजिक व्यवस्था की कल्पना की थी, उसके मूल में समानता, सहयोग, संवेदनशीलता और सहभागिता की भावना थी।




