Chhattisgarh: बस्तर में देव उठनी एकादशी का विशेष महत्व है, जाने इस दिन देवता को किन किन फसलों को और क्यों किया जाता है अर्पण ..

बस्तर में देव उठनी एकादशी का विशेष महत्व है, जाने इस दिन देवता को किन किन फसलों को और क्यों किया जाता है अर्पण ..
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है।
इस बार यह तिथि आज यानी शनिवार 01 नवंबर को पड़ रही है। देवउठनी एकादशी को देव प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, देवउठनी एकादशी के दिन ही जगत के पालनहार भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जागते हैं और पुनः सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं और इसी के साथ इस दिन से सभी शुभ व मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। बस्तर में देवउठनी पर्व लोगो जोड़ने वाली परम्परा है।
देवउठनी के दिन बस्तर में लोग अपने देवता को इष्ट को फसल अर्पित करते हैं
“तेरे तुझको अर्पण क्या लगे हैं मेरा ”
हे ईश्वर ये फसल तेरा दिया हुआ है मैने तुझे जो कुछ भी लिया आज तुझको अर्पण करती हूं तुझे अर्पण करने के पश्चात ही में इन फसलों को अपने लिए उपयोग में लाऊंगा
बस्तर में देवउठनी पर अपने ईश्वर को अर्पित करने वाली फसलें
1. आंवला – एक ऐसा सुपर फूड जिसके अंदर प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है
2. उड़द दाल – ऐसा दलहन जिसमें सबसे ज्यादा शक्ति वर्धक गुण होता है
3. बेर (देसी बैर) – फलों में सबसे शक्तिशाली होता है जिसे लोग शक्ति वर्धक के रूप में उपयोग करते हैं
4. डांग कांदा – वो कंद जिससे भीमकाय ( पत्थर) जैसा शरीर बनता है
5. शंकर कंद – सुपर फूड की गिनती में आने वाला कंद जो यह के क्षेत्रीय लोगों का मुख्य आहार है
6. गन्ना – शक्कर और गुड जीवन में मिठास लाता है
लोग गन्ने से गुड़ निकालकर उसे प्रसाद के रूप में सेवन करते हैं तथा देशी गुड अत्यधिक लाभकारी होता है
7. खट्टी इमली – सब्जियों का स्वाद बदल देता है
8. झुर्गा – यह प्रोटीन स्रोत होता है जो शारीरिक विकास में लाभदाई होता है
9. चांवल काटना और गेंदें का फूल – जिसे शुद्धता और पवित्रता का पवित्र माना जाता है
10. कोचई (अरबी कन्द) – सब्जियों में सबसे शक्तिवर्धक के लिए खाए जाने वाला कंद
ऐसे अनेकों क्षेत्रीय फसलों को पूजा अर्चना कर देवताओं को अर्पित किया जाता है ।





