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शिवरीनारायण में भगवान नर-नारायण के दरबार पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

पत्नी कौशल्या साय के साथ नर-नारायण और जगन्नाथ मंदिर में किए दर्शन, मठ मंदिर में गौ माता को गुड़-केला खिलाकर की पूजा-अर्चना

शिवरीनारायण में भगवान नर-नारायण के दरबार पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

 

पत्नी कौशल्या साय के साथ नर-नारायण और जगन्नाथ मंदिर में किए दर्शन, मठ मंदिर में गौ माता को गुड़-केला खिलाकर की पूजा-अर्चना

 

रायपुर/शिवरीनारायण, 14 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को जांजगीर-चांपा जिले की धार्मिक नगरी शिवरीनारायण पहुंचकर भगवान नर-नारायण के दर्शन किए। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के लोगों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मठ मंदिर में गौ माता को गुड़ और केला खिलाकर पूजन किया तथा जगन्नाथ मंदिर में भी दर्शन किए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शिवरीनारायण में भगवान नर-नारायण के दर्शन करते हुए
शिवरीनारायण में भगवान नर-नारायण के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करते मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।

मुख्यमंत्री साय ने शिवरीनारायण को छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यह पावन भूमि माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु श्रीराम की स्मृतियों से जुड़ी हुई है। यहां की धार्मिक परंपराएं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

 

भगवान नर-नारायण के दर्शन कर प्रदेशवासियों के मंगल की कामना

 

शिवरीनारायण पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने भगवान नर-नारायण के मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक परिवार के सुखी जीवन, अच्छी सेहत और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ में शांति, सद्भाव और निरंतर विकास की प्रार्थना की।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थल लोगों को आध्यात्मिक शांति देने के साथ समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं। छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं राज्य की विशिष्ट पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन सभी की साझा जिम्मेदारी है।

 

मठ मंदिर में गौ माता को खिलाया गुड़ और केला

 

भगवान नर-नारायण के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री साय शिवरीनारायण स्थित मठ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गौ माता को गुड़ और केला खिलाया तथा माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक पूजन किया।

 

मुख्यमंत्री ने गौ सेवा को सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जीवनशैली, कृषि व्यवस्था और लोकपरंपराओं में गौ माता का विशेष स्थान रहा है।

 

मठ मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने संतों और श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात भी की। उन्होंने धार्मिक स्थलों को संस्कार, सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र बताते हुए इनके सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।

 

जगन्नाथ मंदिर में भी की पूजा-अर्चना

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ शिवरीनारायण स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी दर्शन किए। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक परंपराएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करती हैं। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदियों के संगम क्षेत्र के समीप स्थित यह नगरी लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है। यहां के मंदिर, धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं।

 

माता शबरी की भक्ति और प्रभु श्रीराम की स्मृतियों से जुड़ी पावन नगरी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण का स्मरण होते ही माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु श्रीराम के प्रति उनके अगाध प्रेम की याद आती है। यह पावन धरा भक्ति, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश देती है।

 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। राज्य के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की पहचान को सुदृढ़ करने के प्रयासों से प्रदेश की परंपराओं और लोकआस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की रही उपस्थिति

 

मुख्यमंत्री के शिवरीनारायण प्रवास के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े, राजेश्री महंत रामसुंदर दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

दंडकारण्य दर्पण | सच के साथ, समाज के साथ

Bindesh Patra

युवा वहीं होता हैं, जिसके हाथों में शक्ति पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

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