
दंडकारण्य दर्पण | रायपुर
छत्तीसगढ़ में नकली पनीर और डेयरी एनालॉग उत्पादों पर प्रतिबंध
दूध की जगह वनस्पति वसा और तेल से तैयार उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक, उपभोक्ताओं के हित में राज्य सरकार का बड़ा फैसला
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों को ध्यान में रखते हुए नकली पनीर और डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लिया गया है।
सरकार के अनुसार, ऐसे उत्पाद जो दूध की जगह वनस्पति वसा या खाद्य तेल का उपयोग कर तैयार किए जाते हैं और जिन्हें डेयरी उत्पाद के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, अब राज्य में प्रतिबंधित रहेंगे। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली लेबलिंग और पैकेजिंग पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बाजार में मिलावटी और भ्रामक डेयरी उत्पादों पर रोक लगाना तथा उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
हालांकि, यह प्रतिबंध फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे उत्पादों पर लागू नहीं होगा। इन उत्पादों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है।
राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से यह प्रतिबंध एक वर्ष तक अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा अंतिम नियम जारी किए जाने तक प्रभावी रहेगा। सरकार ने संबंधित विभागों को आदेश के सख्ती से पालन और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।




