
नारायणपुर। जिले के अतिदुर्गम ओरछा क्षेत्र के लोगों के लिए वर्षों से बरसात का मौसम बड़ी परेशानी लेकर आता था। पल्ली–छोटेडोंगर–ओरछा मार्ग पर स्थित पिनगुंडा नाला बारिश के दिनों में उफान पर आ जाता था, जिससे नारायणपुर और ओरछा के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो जाता था। इस कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासनिक कार्यों और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीणों की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को देखते हुए शासन ने पिनगुंडा नाला पर 6 बॉक्स (7×6 मीटर) बॉक्स ब्रिज के निर्माण को स्वीकृति दी। लगभग 258.25 लाख रुपये की लागत से तैयार इस पुलिया का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब इस पर आवागमन भी शुरू हो गया है। पुलिया बनने से वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान मिल गया है।
अब बारिश के मौसम में भी नारायणपुर से ओरछा तक आवागमन निर्बाध रहेगा। पहले जहां लोगों को घंटों तक नाला उतरने का इंतजार करना पड़ता था या लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता था, वहीं अब वे सुरक्षित और आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
पुलिया शुरू होने से ओरछा तहसील मुख्यालय सहित आसपास के गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरे वर्ष बना रहेगा। गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना आसान होगा, विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी और शासकीय योजनाओं का लाभ भी ग्रामीणों तक समय पर पहुंचेगा। साथ ही किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस पुलिया को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि वर्षों से जिस समस्या के कारण हर बारिश में पूरा क्षेत्र प्रभावित होता था, उसका स्थायी समाधान अब संभव हो सका है। यह पुलिया केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि ओरछा क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद बनकर सामने आई है।




